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राजा अवस्थी से रावण बनने तक: ‘नई नवेली’ के लिए आदिनाथ कोठारे ने रोजाना की चार घंटे की ट्रांसफॉर्मेशन प्रक्रिया

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एक ही फिल्म में निभाए दो बिल्कुल विपरीत किरदार, अभिनेता ने साझा किया पर्दे के पीछे की मेहनत और समर्पण का अनुभव

फिल्म ‘नई नवेली’ में राजा अवस्थी से रावण के किरदार में ढलने के लिए अभिनेता आदिनाथ कोठारे ने रोजाना चार घंटे की ट्रांसफॉर्मेशन प्रक्रिया से गुजरते हुए अपनी मेहनत और समर्पण की मिसाल पेश की है। अभिनेता ने सोशल मीडिया पर एक बिहाइंड-द-सीन्स वीडियो साझा कर इस चुनौतीपूर्ण सफर की झलक दिखाई है।

एम. बालाजी के निर्देशन में बनी इस फिल्म को आनंद एल. राय, हिमांशु शर्मा और अमेजन एमजीएम स्टूडियोज का समर्थन प्राप्त है। यामी गौतम, आदिनाथ कोठारे, अनुराग ठाकुर, सुनीता राजवर, सुनील शाइन, सुष्मिता मुखर्जी और मीता वशिष्ठ सहित कई कलाकारों से सजी यह फिल्म फैंटेसी और कॉमेडी के अनूठे मेल के कारण दर्शकों का ध्यान आकर्षित कर रही है। फिल्म की दुनिया, हास्य और भव्यता के पीछे कलाकारों तथा तकनीकी टीम की कड़ी मेहनत भी अहम भूमिका निभाती है।

आदिनाथ ने बताया कि फिल्म के 50 दिनों के शूटिंग शेड्यूल में से 20 दिनों तक उन्हें प्रतिदिन चार घंटे ट्रांसफॉर्मेशन प्रक्रिया में बिताने पड़े। उन्होंने राजा अवस्थी से रावण बनने के इस सफर को अपने करियर का सबसे चुनौतीपूर्ण, दर्दनाक और संतोषजनक अनुभव बताया।

अभिनेता के अनुसार, राजा अवस्थी एक आदर्श पारिवारिक व्यक्ति है, जबकि रावण अहंकार, लालच और अत्याचार का प्रतीक है। एक ही फिल्म में इन दो विपरीत व्यक्तित्वों को जीवंत करना उनके लिए बड़ी चुनौती थी। इस बदलाव को पर्दे पर वास्तविक रूप देने के लिए शारीरिक मेहनत के साथ-साथ प्रोस्थेटिक मेकअप, कॉस्ट्यूम और अन्य तकनीकी पहलुओं पर भी विशेष ध्यान दिया गया।

अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में आदिनाथ ने इस परिवर्तन को संभव बनाने वाली पूरी टीम, सह-कलाकारों और निर्देशक एम. बालाजी के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने निर्माता आनंद एल. राय, हिमांशु शर्मा और कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा के भरोसे के लिए भी धन्यवाद दिया।

‘नई नवेली’ के सेट से साझा किया गया यह वीडियो फिल्म निर्माण के उस पहलू को सामने लाता है, जो आमतौर पर दर्शकों को पर्दे पर दिखाई नहीं देता। आदिनाथ का यह अनुभव बताता है कि किसी किरदार को प्रभावशाली बनाने के लिए अभिनय के साथ-साथ अनुशासन, धैर्य और पूरी टीम का सहयोग कितना महत्वपूर्ण होता है।

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