Baasi Roti ke Fayde: आमतौर पर, बासी खाना खाने की सलाह नहीं दी जाती क्योंकि ये सेहत के लिए अच्छा नहीं होता। खासतौर पर ऐसा खाना जो फ्रिज में ठीक से स्टोर न किया गया हो। अगर कोई फूड 12 घंटे से अधिक समय तक के लिए रूम टेंपरेचर पर रहता है, तो उसे बासी माना जाता है। ऐसे खाने को नहीं खाना चाहिए क्योंकि इससे फूड पॉइजनिंग हो सकती है।
खाने को तब भी बासी माना जाता है जब उसे या तो बहुत लंबे समय तक रखा गया हो या फिर वो खुली हवा के संपर्क में आ गया हो। इससे उसमें बैक्टीरिया की मात्रा काफी बढ़ जाती है। दूसरी भाषा में कहें तो, ऐसे फूड्स जो खराब हो गए हैं और उसमें से खट्टी गंध आने लगी है या फिर उसका स्वाद खराब हो गया है तो उन्हें खाने से बचना चाहिए। ऐसे फूड्स को खाने से डायरिया, एसिड रिफ्लक्स, हार्टबर्न, ब्लोटिंग, गैस समेत और भी गंभीर समस्या हो सकती है।
हालांकि, हाल के अध्ययनों से पता चलता है कि बासी रोटियां, जिन्हें ठीक से रखा जाता है और बनाने के 12 घंटे के भीतर ही खा लिया जाता है, उनके कई हेल्थ बेनेफिट्स होते हैं। जी हां, आप सही पढ़ रहे हैं। इस लेख में यही जानने की कोशिश करेंगे कि बासी रोटी को खाने से सेहत को क्या-क्या लाभ मिल सकते हैं।
बासी रोटी खाने के फायदे
विटामिन और न्यूट्रिएंट से भरपूर- गेहूं के आटे और पानी से बनी रोटी में कम ग्लाइसेमिक इंडेक्स होता है। ये विटामिन बी, आयरन, कैल्शियम, मैग्नीशियम और पोटेशियम का भी एक बढ़िया स्त्रोत हैं। वहीं रोटियों के बासी होने पर इनमें अच्छे बैक्टीरिया पनपने लगते हैं, जो आंतों के स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं।
पेट की समस्याओं से राहत दिलाए- अगर आपको अक्सर पाचन संबंधी समस्याएं जैसे एसिडिटी, कब्ज, पेट फूलना और अनियमित मल त्याग से जूझना पड़ता है, तो बासी रोटी खाने से इन समस्याओं से राहत मिल सकती है। ऐसा इसलिए है क्योंकि बासी रोटी फाइबर से भरपूर होती है, जो हमारी आंत में मौजूद अच्छे बैक्टीरिया को बढ़ावा देती है, इससे कब्ज और अनियमित मल त्याग जैसी बीमारियों से राहत मिलती है।
शरीर के तापमान को नियंत्रित करे- ठंडे दूध में बासी रोटियां डालकर खाने से शरीर के तापमान को नियंत्रित रखने में मदद मिलती है। गर्मियों के दौरान दूध और रोटी को एक साथ खाने से बॉडी हाइड्रेटेड रहती है और हाई टेंपरेचर के कारण होने वाली परेशानी में भी कमी आती है।
ब्लड प्रेशर को नियंत्रित रखे- बासी रोटियों को ठंडे दूध के साथ खाना केवल स्वाद ही नहीं सेहत से भी भरपूर है। यह ब्लड प्रेशर लेवल और यहां तक कि ब्लड शुगर लेवल को भी स्थिर रखता है। ऐसा इसलिए क्योंकि रोटी के बासी होते ही उसमें मौजूद कॉम्प्लेक्स शुगर टूटने लगता है। इसलिए बासी रोटियां खाने से ब्लड प्रेशर या शुगर लेवल नहीं बढ़ता। ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने के गुण की वजह से बासी रोटी डायबिटीज पेशेंट के लिए एक बढ़िया नाश्ता है।
वजन बनाए रखने में मदद करे- बासी रोटियों में कैलोरी और फैट कम होता है। वहीं फाइबर, प्रोटीन और अन्य पोषक तत्व इसमें भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं। हाई फाइबर की वजह से ये पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराती है, जिसकी वजह से पूरे दिन स्नैकिंग को लेकर क्रेविंग नहीं होती और वजन जल्दी से नहीं बढ़ता।


