सुकमा। जिले के प्रथम कलेक्टर रहे एलेक्स पाल मेनन के अपहरण मामले में 6 साल 17 माह से जेल में सजा काट रहे हेमला भीमा उर्फ आकाश को दंतेवाड़ा कोर्ट ने दोषमुक्त करार देते रिहा करने का फैसला दिया। बता दें कि एनआइए (NIA) कोर्ट में कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन ने पहचाने से इंकार कर दिया था। इसके बाद दंतेवाड़ा कोर्ट के जज दीपक कुमार ने यह फैसला दिया।
अपहरण मामले में काटा 6 साल 17 माह 16 दिन की सजा
मंगलवार को दंतेवाड़ा कोर्ट में अधिवक्ता बिचेंम पोंदी व सहअधिवक्ता पी. भीमा ने बताया कि दंतेवाड़ा कोर्ट में सुकमा कलेक्टर रहे एलेक्स पाल मेनन के अपहरण मामले में जेल में बंद आकाश को दंतेवाड़ा न्यायाधीश दीपक कुमार देशलहरे ने दोषमुक्त करार दिया। आकाश सुकमा जिले के पोलमपल्ली थाना क्षेत्र के पालामड़गू गांव का रहने वाला है। कलेक्टर अपहरण मामले में पिछले 6 साल 17 माह 16 दिन से सजा काट रहा है। ज्ञात हो कि बीते 2 फरवरी को एनआइए कोर्ट में पूर्व कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन ने उपस्थित होकर आकाश को पहचाने से इंकार किया था। जिसके बाद दंतेवाड़ा कोर्ट में मामले की सुनवाई चल रही थी और जज ने बाइज्जत बरी करने का फैसला सुनाया।
मांझीपारा में कलेक्टर का हुआ था अपहरण
21 अप्रैल 2012 को दोपहर तीन बजे जिले के केरलापाल थानाक्षेत्र मांझीपारा में आयोजित जिला समस्या निवारण शिविर में तत्कालीन कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन का नक्सलियों ने अपहरण कर लिया था। साथ ही सुरक्षा में तैनात दो जवानों की हत्या कर दी थी। वहीं नक्सलियों ने करीब 13 दिन तक कलेक्टर एलेक्स पाल मेनन को अपने पास रखने के बाद 4 मई 2012 को चिंतलनार इलाके में मध्यस्थों के साथ रिहा किया। जिसके बाद पुलिस ने इस मामले में दोषी आकाश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
आरोपितों को पहचानने से इन्कार
एलेक्स पॉल ने अपने बयान में कहा था कि घटना काफी पुरानी है, इसलिए अभियुक्त गणेश उईके, रमन्ना, पापा राव, विजय मड़कम आकाश, हुंगी, उर्मिला, मल्ला, निलेश, हिड़मा, हेमला भीमा उर्फ आकाश, मुकेश भीमा, देवा व 125 अनय नक्सली को भविष्य में भी नहीं पहचान पाऊंगा। बता दें कि 21 अप्रैल 2012 को एलेक्स का अपहरण कर लिया गया था। छत्तीसगढ़ पुलिस ने 2016 में भीमा को गिरफ्तार करने का दावा किया था।


