कोरबा। छत्तीसगढ़ में स्कूली शिक्षा को आधुनिक तकनीक से जोड़ने की दिशा में सरस्वती शिक्षण संस्थान ने एक महत्वपूर्ण पहल की है। प्रदेश के पहले अत्याधुनिक डिजिटल एजुकेशन स्टूडियो का शुभारंभ रायपुर के रोहिणीपुरम स्थित संस्थान के मुख्यालय में किया गया। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र संघचालक डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना ने स्टूडियो का उद्घाटन किया। इस पहल के माध्यम से अब सुदूर वनांचल और ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थी राजधानी रायपुर के प्रसिद्ध विषय विशेषज्ञों से सीधे लाइव पढ़ाई कर सकेंगे।
डिजिटल शिक्षा की इस नई व्यवस्था का लाभ कोरबा, जांजगीर-चांपा और सक्ती जिले के चयनित सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों को भी मिलेगा। संस्थान ने प्रथम चरण में प्रदेश के 150 विद्यालयों को डिजिटल एजुकेशन स्टूडियो के कंट्रोल रूम से जोड़ने की योजना के तहत शामिल किया है। चयनित विद्यालयों में आधुनिक स्मार्ट क्लास तैयार की गई हैं, जहां विद्यार्थियों को विशेषज्ञ शिक्षकों के माध्यम से ऑनलाइन शिक्षा प्रदान की जाएगी।
कोरबा जिले के 14 सरस्वती शिशु मंदिर विद्यालयों में से छह विद्यालयों का चयन किया गया है। इनमें प्रगतिनगर, एनटीपीसी, कटघोरा, पाली, छुरी और रजगामार-गेवरा स्थित विद्यालय शामिल हैं। इसी प्रकार जांजगीर-चांपा जिले के 12 विद्यालयों में से आठ विद्यालयों को इस सुविधा के लिए चुना गया है। इनमें चांपा, नैला, अकलतरा, शिवरीनारायण, खरौद, केरा, बिर्रा और बलौदा के सरस्वती शिशु मंदिर शामिल हैं। सक्ती जिले के चंद्रपुर स्थित सरस्वती शिशु मंदिर को भी इस योजना से जोड़ा गया है।

उद्घाटन समारोह को संबोधित करते हुए डॉ. पूर्णेन्दु सक्सेना ने इस पहल को छत्तीसगढ़ की स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में अभिनव कदम बताया। उन्होंने आधुनिक डिजिटल तकनीक को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि इससे शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने और विद्यार्थियों तक बेहतर शैक्षणिक संसाधन पहुंचाने में मदद मिलेगी।
इस व्यवस्था से विशेष रूप से कोरबा जैसे औद्योगिक एवं वनांचल क्षेत्र के विद्यार्थियों को लाभ मिलने की उम्मीद है। अब दूरस्थ क्षेत्रों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी राजधानी के अनुभवी विषय विशेषज्ञों से मार्गदर्शन प्राप्त करने का अवसर मिलेगा। इससे उनकी विषय संबंधी समझ मजबूत होने के साथ-साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में भी सहायता मिल सकती है।
कार्यक्रम की अध्यक्षता सरस्वती शिक्षा संस्थान, छत्तीसगढ़ के प्रांतीय अध्यक्ष रामभरोसा सोनी ने की। विशिष्ट अतिथि के रूप में विद्या भारती, छत्तीसगढ़ के प्रांतीय संगठन मंत्री डॉ. देवनारायण साहू उपस्थित रहे। इसके अलावा छत्तीसगढ़ प्रांत के प्रांत संघचालक टोपलाल वर्मा, विवेक सक्सेना, बद्रीनाथ केशरवानी, निश्चय बाजपेयी, मोहन पवार, आशुतोष चावरे, राजनांदगांव के जिला शिक्षा अधिकारी प्रवास बघेल तथा हरिराम सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन सह प्रांत प्रमुख मानिक लाल साहू ने किया। इस अवसर पर आयोजित ऑनलाइन कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ के 208 विद्यालयों से 5,000 से अधिक विद्यार्थी, शिक्षक और समिति के पदाधिकारी शामिल हुए। डिजिटल एजुकेशन स्टूडियो की शुरुआत को प्रदेश में तकनीक आधारित स्कूली शिक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।







