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PM Awas Yojana: कभी बैनर की दीवारों के बीच गुजरती थी जिंदगी, अब पक्के घर में संवर रहे आशा के सपने

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रायपुर, 14 अक्टूबर 2026। प्रधानमंत्री आवास योजना जरूरतमंद परिवारों के जीवन में बड़ा बदलाव ला रही है। छत्तीसगढ़ के नवा रायपुर स्थित ग्राम चीचा की रहने वाली आशा की जिंदगी भी इस योजना से बदल गई है। कभी सड़क किनारे बैनर की दीवारों से बने अस्थायी आशियाने में परिवार के साथ जीवन गुजारने वाली आशा आज अपने पक्के मकान में सुरक्षित और सम्मानजनक जीवन जी रही हैं। अब वे अपनी बेटियों के उज्ज्वल भविष्य के लिए सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बचत भी कर रही हैं।

नवा रायपुर के सेक्टर-7 स्थित ग्राम चीचा की आशा के लिए अपना पक्का घर होना कभी किसी सपने से कम नहीं था। आर्थिक तंगी और सीमित संसाधनों के कारण उन्हें सड़क किनारे बैनर से बनी दीवारों वाले अस्थायी घर में रहना पड़ता था। न सुरक्षित छत थी और न ही परिवार के लिए स्थायी ठिकाना। मौसम की मार और रोजमर्रा की परेशानियों के बीच परिवार का जीवन गुजर रहा था। ऐसे में प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने से उनकी वर्षों पुरानी समस्या दूर हो गई।

आशा बताती हैं कि पक्का मकान मिलने के बाद उनके परिवार की जिंदगी में सकारात्मक बदलाव आया है। अब उन्हें अस्थायी आशियाने में रहने की चिंता नहीं सताती। अपने घर में परिवार के साथ सुरक्षित जीवन बिताने का सपना पूरा होने से वे बेहद खुश हैं। उन्होंने इस बदलाव के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के प्रति आभार व्यक्त किया है।

छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रधानमंत्री आवास योजना सहित विभिन्न आवासीय योजनाओं के माध्यम से जरूरतमंद परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है। वहीं वित्त, आवास एवं पर्यावरण मंत्री ओपी चौधरी के मार्गदर्शन में आवासीय सुविधाओं के विस्तार और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जीवन स्तर में सुधार की दिशा में प्रयास किए जा रहे हैं।

पक्का घर मिलने के बाद आशा अब अपनी बेटियों के भविष्य को बेहतर बनाने में जुट गई हैं। वे चाहती हैं कि उनकी बेटियां अच्छी शिक्षा प्राप्त करें और आगे चलकर आत्मनिर्भर बनें। इसी उद्देश्य से उन्होंने सुकन्या समृद्धि योजना के तहत बेटियों के लिए बचत शुरू की है। आशा अपनी बच्चियों के खातों में ढाई-ढाई सौ रुपये जमा कर रही हैं, ताकि भविष्य में उनकी पढ़ाई और अन्य जरूरतों के लिए आर्थिक सहारा मिल सके।

आशा के मुताबिक, छोटी-छोटी बचत से भी बेटियों के भविष्य के लिए बड़ी आर्थिक मदद तैयार की जा सकती है। पहले उनकी सबसे बड़ी चिंता परिवार के लिए सुरक्षित छत की व्यवस्था करना थी, लेकिन अब यह सपना पूरा होने के बाद वे बच्चों की शिक्षा और भविष्य की योजनाओं पर ध्यान दे पा रही हैं।

सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत सामने आई आशा की यह कहानी सरकारी योजनाओं से जरूरतमंद परिवारों के जीवन में आ रहे बदलाव को दर्शाती है। प्रधानमंत्री आवास योजना ने जहां उन्हें सुरक्षित आशियाना दिया, वहीं सुकन्या समृद्धि योजना बेटियों के भविष्य के लिए बचत का माध्यम बनी है।

कभी बैनर की अस्थायी दीवारों के बीच जिंदगी गुजारने वाली आशा आज अपने पक्के मकान में परिवार के साथ खुशहाल जीवन की ओर बढ़ रही हैं। उनके लिए यह मकान केवल चारदीवारी नहीं, बल्कि सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की उम्मीदों का नया आधार है। अब इसी आशियाने में उनकी बेटियों के सुनहरे भविष्य के सपने भी आकार ले रहे हैं।

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