बालोद,10 सितंबर। जिले के पुरुर थाना क्षेत्र में पिता की हत्या के मामले में अदालत ने आरोपी बेटे को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। घरेलू बात को लेकर हुए विवाद के बाद आरोपी ने अपने पिता के साथ गाली-गलौज और मारपीट की थी। गंभीर चोट लगने के कारण पिता की मौत हो गई थी। मामले में पुलिस की विवेचना और अभियोजन पक्ष की पैरवी के बाद सत्र न्यायालय ने आरोपी यशपाल सोरी को दोषसिद्ध पाया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार थाना पुरुर में अपराध क्रमांक 94/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 294, 351(3), 117(2), 115(2) और 103 के तहत प्रकरण दर्ज किया गया था।
मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय के समक्ष पुलिस की ओर से एकत्र किए गए साक्ष्य प्रस्तुत किए गए। उपलब्ध साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की दलीलों के आधार पर न्यायालय ने यशपाल सोरी को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई।प्रकरण के अनुसार आरोपी यशपाल सोरी का अपने पिता लचमु सोरी के साथ घरेलू बात को लेकर विवाद हुआ था। आरोप है कि विवाद के दौरान यशपाल ने पिता के साथ गाली-गलौज की और उन्हें जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसने चप्पल से उनके साथ प्राणघातक मारपीट की। मारपीट में लचमु सोरी को गंभीर चोटें आईं और घटना के परिणामस्वरूप उनकी मौत हो गई। घटना सामने आने के बाद पुरुर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। प्रकरण की विवेचना तत्कालीन थाना प्रभारी उप निरीक्षक प्रदीप कंवर ने की थी, जो वर्तमान में थाना राजहरा में पदस्थ हैं।
विवेचना के दौरान पुलिस टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और मामले से जुड़े आवश्यक भौतिक एवं अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को एकत्र किया। पुलिस ने घटना से संबंधित परिस्थितियों और उपलब्ध साक्ष्यों को जांच में शामिल करते हुए प्रकरण की कड़ियों को जोड़ने का प्रयास किया। विवेचना पूरी होने के बाद उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर प्रकरण को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया। मामले की सुनवाई के दौरान जांच में जुटाए गए साक्ष्य अभियोजन की ओर से अदालत के सामने रखे गए। प्रकरण में शासन की ओर से शासकीय अभिभाषक तोमन साहू ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष की ओर से मामले से संबंधित साक्ष्यों और तथ्यों को न्यायालय के समक्ष रखा गया।
पुलिस के मुताबिक विवेचना में संकलित साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी के आधार पर सत्र न्यायाधीश ने आरोपी यशपाल सोरी को दोषसिद्ध पाया और आजीवन कारावास से दंडित करने का फैसला सुनाया। हत्या जैसे गंभीर अपराध में दोषी को आजीवन कारावास की सजा मिलने को पुलिस ने सुदृढ़ और सटीक विवेचना का परिणाम बताया है। पुलिस के अनुसार मामले की जांच में घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्यों के संकलन और उपलब्ध तथ्यों को न्यायालय के सामने व्यवस्थित तरीके से प्रस्तुत किया गया। इस मामले में न्यायालय का फैसला आने के साथ ही वर्ष 2025 में दर्ज हत्या के प्रकरण में आरोपी को सजा मिल गई है। पुलिस ने इसे विवेचना के दौरान जुटाए गए महत्वपूर्ण साक्ष्यों और अभियोजन पक्ष की प्रभावी पैरवी का परिणाम बताया है।







