कोरबा, 05 अक्टूबर। कोरबा शहर की यातायात व्यवस्था एक बार फिर भारी वाहनों के दबाव में बेपटरी नजर आ रही है। भारी वाहनों की नो-एंट्री समाप्त होते ही बड़ी संख्या में वाहन एक साथ सड़कों पर उतर आते हैं। इसके चलते टीपी नगर चौक से इमलीडुग्गु मार्ग तक वाहनों की लंबी कतार लग जाती है। रविवार रात भी इस मार्ग पर बड़ी संख्या में भारी वाहन सड़क पर खड़े दिखाई दिए। जल्द आगे निकलने की होड़ में कई चालकों द्वारा वाहनों को आड़े-तिरछे खड़े कर दिए जाने से दोनों दिशाओं से आने-जाने वाले वाहन जाम में फंस गए। इससे वाहन चालकों के साथ-साथ राहगीरों और यात्रियों को भी काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शहर में भारी वाहनों की आवाजाही के लिए निर्धारित समय में नो-एंट्री व्यवस्था लागू रहती है। हालांकि नो-एंट्री खत्म होते ही बड़ी संख्या में भारी वाहन एक साथ सड़क पर आ जाते हैं। टीपी नगर चौक से इमलीडुग्गु मार्ग पर रोजाना इसी तरह वाहनों की कतार लगने की शिकायत सामने आती रहती है। सड़क की क्षमता के मुकाबले एक साथ अधिक भारी वाहनों के पहुंचने और वाहनों को व्यवस्थित तरीके से आगे नहीं बढ़ाए जाने के कारण यातायात का दबाव बढ़ जाता है। कई बार जाम की स्थिति घंटों तक बनी रहती है। वहीं नो-एंट्री के दौरान भी कुछ भारी वाहन सड़क किनारे खड़े रहते हैं, जिससे मार्ग पहले से ही संकरा हो जाता है।
जाम की सबसे ज्यादा परेशानी छोटे वाहन चालकों, बाइक सवारों और पैदल राहगीरों को उठानी पड़ रही है। भारी वाहनों के बीच से दोपहिया वाहन निकालना जोखिम भरा हो गया है। सड़क पर वाहनों की लंबी कतार के कारण कई स्थानों पर पैदल चलने वालों के लिए भी पर्याप्त जगह नहीं बचती। देर रात यात्री ट्रेन से उतरने के बाद सेकेंड एंट्री और मानिकपुर बाइपास मार्ग से अपने गंतव्य की ओर जाने वाले यात्रियों को भी इस समस्या से जूझना पड़ता है। रात के समय कई हिस्सों में पर्याप्त रोशनी नहीं होने और सड़क पर भारी वाहनों का दबाव रहने के कारण दुर्घटना की आशंका भी बनी रहती है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि नो-एंट्री समाप्त होने के समय यातायात पुलिस की विशेष निगरानी आवश्यक है। यदि इस दौरान टीपी नगर चौक से इमलीडुग्गु मार्ग पर पुलिसकर्मियों की तैनाती कर भारी वाहनों को क्रमबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जाए तो जाम की समस्या काफी हद तक कम हो सकती है। लोगों ने सड़क पर अव्यवस्थित तरीके से वाहन खड़ा करने वाले चालकों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा जाम वाले मार्ग पर नियमित निगरानी बढ़ाने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि कोरबा जैसे औद्योगिक शहर में भारी वाहनों की आवाजाही स्वाभाविक है, लेकिन यातायात प्रबंधन और नियमों का पालन नहीं होने से आम लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। फिलहाल टीपी नगर चौक से इमलीडुग्गु मार्ग पर नो-एंट्री खत्म होने के बाद लगने वाला जाम लोगों के लिए रोजाना की समस्या बनता जा रहा है। यदि समय रहते यातायात व्यवस्था को व्यवस्थित नहीं किया गया तो भारी वाहनों के दबाव के बीच दुर्घटना का खतरा और बढ़ सकता है।







