रायपुर। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद को लेकर आज दिल्ली में महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक में दोनों राज्यों के बीच महानदी के जल बंटवारे और उससे जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। बैठक में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के हितों को ध्यान में रखते हुए समाधान की दिशा में आगे बढ़ने पर विचार-विमर्श होने की संभावना है। बैठक में दोनों राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ संबंधित अधिकारी भी शामिल हो सकते हैं।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय गुरुवार को बैठक में शामिल होने के लिए दिल्ली रवाना हुए। दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री साय ने महानदी जल विवाद को लेकर कहा कि इस संबंध में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों की ओर से केंद्रीय जल आयोग (CWC) को पत्र लिखा गया है। उन्होंने कहा कि दोनों राज्यों के हितों को ध्यान में रखते हुए जो भी निर्णय होगा, दोनों सरकारें उसे स्वीकार करेंगी। मुख्यमंत्री के इस बयान को महानदी जल विवाद के समाधान की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महानदी जल विवाद छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चर्चा का विषय रहा है। महानदी नदी दोनों राज्यों के लिए कृषि, पेयजल और अन्य आवश्यकताओं की दृष्टि से महत्वपूर्ण है। ऐसे में नदी के जल के उपयोग और बंटवारे को लेकर दोनों राज्यों के बीच समय-समय पर मतभेद सामने आते रहे हैं। दिल्ली में होने वाली बैठक को इसी पृष्ठभूमि में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने अपने प्रस्तावित सिंगापुर दौरे को लेकर भी जानकारी साझा की। उन्होंने कहा कि सिंगापुर यात्रा छत्तीसगढ़ की विकास उपलब्धियों और राज्य में मौजूद निवेश की संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय मंच पर रखने का महत्वपूर्ण अवसर होगी। मुख्यमंत्री के अनुसार, इस दौरान वे सिंगापुर के निवेशकों और व्यापारिक प्रतिनिधियों से मुलाकात करेंगे तथा छत्तीसगढ़ में निवेश के लिए उपलब्ध संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सिंगापुर दौरे के माध्यम से छत्तीसगढ़ में निवेश, कौशल विकास, तकनीक और अंतरराष्ट्रीय साझेदारी के नए अवसर विकसित होने की उम्मीद है। राज्य सरकार का प्रयास है कि वैश्विक निवेशकों को छत्तीसगढ़ की औद्योगिक क्षमता, संसाधनों और विकास की संभावनाओं से अवगत कराया जाए। मुख्यमंत्री के दिल्ली दौरे और प्रस्तावित सिंगापुर यात्रा को राज्य के जल हितों तथा आर्थिक विकास के दृष्टिकोण से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।







