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बेमेतरा के बच्चों के हक में हाई कोर्ट का बड़ा फैसला, आत्मानंद स्कूलों में चार सप्ताह में शुरू करनी होगी LKG कक्षाएं

बिलासपुर, 24 सितम्बर 2026। छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने वैवाहिक विवाद, बच्चों की शिक्षा और रेलवे कर्मचारियों के तबादले से जुड़े तीन महत्वपूर्ण मामलों में अहम आदेश जारी किए हैं। अदालत ने एक मामले में पति द्वारा पत्नी और उसकी बहनों को फोन पर अभद्र गालियां देने तथा लगातार परेशान करने को गंभीर मानसिक क्रूरता माना और पत्नी को तलाक की राहत दी। वहीं, दूसरे मामले में बेमेतरा जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में एलकेजी कक्षाएं शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। तीसरे मामले में प्रमोशन के बाद दूरस्थ स्टेशनों पर स्थानांतरित किए गए लोको पायलटों को अंतरिम राहत देने से हाई कोर्ट ने इनकार कर दिया।

पति की प्रताड़ना को माना मानसिक क्रूरता

वैवाहिक विवाद से जुड़े मामले में जस्टिस प्रार्थ प्रतीम साहू और जस्टिस सुषमा सावंत की डिवीजन बेंच ने कहा कि पत्नी और उसकी बहनों को फोन पर अभद्र भाषा का इस्तेमाल कर गालियां देना और लगातार परेशान करना गंभीर मानसिक क्रूरता की श्रेणी में आता है। कोर्ट ने कहा कि किसी कामकाजी महिला या पत्नी को इस तरह की मानसिक और शारीरिक यातना सहने के लिए बाध्य नहीं किया जा सकता।

उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की महिला की शादी 5 दिसंबर 2021 को बिहार के भोजपुर निवासी आनंद कुमार गुप्ता से हुई थी। महिला का आरोप था कि शादी के कुछ समय बाद ही पति ने उसके साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार शुरू कर दिया। साथ ही दहेज में एयर कंडीशनर की मांग भी की गई। परेशान होकर महिला अंबिकापुर स्थित अपने मायके आ गई। इसके बाद उसने अंबिकापुर फैमिली कोर्ट में क्रूरता के आधार पर तलाक के लिए सिविल सूट दायर किया था। हाई कोर्ट ने फैमिली कोर्ट के आदेश को पलटते हुए विवाह विच्छेद की अनुमति दे दी।

बेमेतरा के छात्रों को एलकेजी में प्रवेश की राहत

शिक्षा के अधिकार और समान अवसर से जुड़े मामले में जस्टिस अमितेंद्र किशोर प्रसाद की सिंगल बेंच ने कहा कि बच्चों की बुनियादी शिक्षा में क्षेत्रीय भेदभाव स्वीकार नहीं किया जा सकता। हाई कोर्ट ने राज्य शासन और शिक्षा विभाग को बेमेतरा जिले के स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट अंग्रेजी माध्यम स्कूलों में तत्काल एलकेजी कक्षाएं शुरू करने तथा चार सप्ताह के भीतर प्रवेश प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया है।

मामला साजा ब्लॉक के राजमोहगांव समेत अन्य क्षेत्रों का है। यहां बजट, बुनियादी सुविधाओं और स्टाफ की कमी का हवाला देकर एलकेजी कक्षाएं शुरू नहीं की जा रही थीं। इसके कारण आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे योजना के लाभ से वंचित हो रहे थे। कोर्ट ने समान शैक्षणिक अवसर सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

लोको पायलटों के तबादले पर अंतरिम रोक नहीं

रेलवे से जुड़े मामले में हाई कोर्ट ने दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के लोको पायलटों को अंतरिम राहत देने से इनकार कर दिया। प्रमोशन के बाद कर्मचारियों का दूसरे दूरस्थ स्टेशनों पर तबादला किया गया था, जिसके खिलाफ याचिका दायर की गई थी।

चीफ जस्टिस कृष्णा राम महापात्र और जस्टिस संतोष शर्मा की डिवीजन बेंच ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण, जबलपुर के आदेश में हस्तक्षेप करने से इनकार करते हुए याचिका खारिज कर दी। कोर्ट ने माना कि अधिकरण के आदेश में ऐसी कोई त्रुटि नहीं है, जिसके आधार पर हाई कोर्ट द्वारा हस्तक्षेप किया जाए।

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