- समय पर जांच और उपचार के साथ योजना से मिला पांच लाख रुपए तक के निःशुल्क इलाज का लाभ
रायपुर, 21 सितंबर 2026। बस्तर जिले के तोकापाल विकासखंड के ग्राम करंजी निवासी 27 वर्षीय नितेश कश्यप के लिए आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना मुश्किल समय में बड़ा सहारा बनी। लंबे समय से पेट दर्द की समस्या से परेशान नितेश को समय पर जांच और उपचार मिलने से लिवर कैंसर का पता चला। इसके बाद आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क उपचार और ऑपरेशन की सुविधा मिलने से वे अब स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं।
नितेश लंबे समय से पेट दर्द की असहनीय पीड़ा से जूझ रहे थे। वे उपचार के लिए गांव स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पहुंचे, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार और दवाइयां दी गईं। दवाइयों से अपेक्षित राहत नहीं मिलने पर वे दोबारा स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे। वहां पदस्थ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर प्रीति बघेल ने उनकी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तत्काल उन्हें महारानी जिला अस्पताल, जगदलपुर रेफर किया।
जांच में सामने आया लिवर कैंसर
महारानी जिला अस्पताल में चिकित्सकों ने नितेश की आवश्यक जांच कराई। खून की जांच, अल्ट्रासाउंड और सीटी स्कैन सहित अन्य जांचों के बाद उनके लिवर कैंसर से पीड़ित होने की पुष्टि हुई। गंभीर बीमारी की जानकारी मिलने के बाद परिवार की चिंता बढ़ गई, लेकिन चिकित्सकों ने उपचार की प्रक्रिया समझाते हुए उन्हें आयुष्मान भारत योजना के तहत मिलने वाली निःशुल्क उपचार सुविधा की जानकारी दी।
पांच लाख रुपए तक के कैशलेस उपचार से मिली राहत
आयुष्मान भारत योजना के तहत पांच लाख रुपए तक के कैशलेस उपचार की सुविधा ने नितेश के परिवार को बड़ी आर्थिक राहत दी। योजना के माध्यम से उनके जटिल उपचार और ऑपरेशन की प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूरी की गई। उपचार के बाद नितेश की स्थिति में सुधार हुआ और अब वे स्वस्थ होकर सामान्य जीवन की ओर लौट रहे हैं।
नितेश बोले- आयुष्मान भारत ने दी नई जिंदगी
सफल उपचार के बाद नितेश कश्यप ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना ने उन्हें नई जिंदगी दी है। उन्होंने पात्र लोगों से योजना का लाभ लेने की अपील की। नितेश ने समय पर सही मार्गदर्शन देने वाले स्वास्थ्यकर्मियों, उपचार करने वाले चिकित्सकों और शासन के प्रति आभार व्यक्त किया।
नितेश की कहानी बताती है कि समय पर जांच, स्वास्थ्यकर्मियों की सतर्कता और उचित उपचार के साथ स्वास्थ्य योजनाओं का आर्थिक सहयोग गंभीर बीमारी से जूझ रहे परिवारों के लिए महत्वपूर्ण सहारा बन सकता है।







