कोरबा, 20 सितम्बर 2026। राष्ट्रीय राजमार्ग NH-149B उरगा-चांपा मार्ग पर मवेशियों का जमघट वाहन चालकों के लिए लगातार परेशानी और हादसों का कारण बनता जा रहा है। पताढ़ी-पहंदा से लेकर सरगबुंदिया, मड़वारानी, कोथारी, पचपेड़ी और जमनीपाली टोल नाका तक कई स्थानों पर सड़क पर गाय-बैल खुलेआम विचरण करते नजर आ रहे हैं। सोमवार को सरगबुंदिया के समीप फोरलेन पर दर्जनों मवेशियों का झुंड दिखाई दिया, जिसके कारण वाहन चालकों को काफी सावधानी से वाहन निकालना पड़ा।
सड़क पर मवेशियों की मौजूदगी का यह सिलसिला केवल सरगबुंदिया तक सीमित नहीं है। पताढ़ी से उरगा और आगे चांपा की ओर जाने वाले मार्ग के कई हिस्सों में भी मवेशियों के झुंड सड़क पर बैठे या विचरण करते नजर आते हैं। दिन के समय वाहन चालक किसी तरह मवेशियों से बचते हुए आगे निकल जाते हैं, लेकिन शाम और रात के समय यही स्थिति गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है। तेज रफ्तार वाहनों के सामने अचानक मवेशियों के आ जाने से वाहन चालकों को नियंत्रण संभालने का पर्याप्त समय नहीं मिल पाता।
मवेशियों के कारण राष्ट्रीय राजमार्गों पर होने वाली दुर्घटनाओं को लेकर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट भी चिंता जता चुका है। सुनवाई के दौरान सड़कों पर मवेशियों के जमावड़े और उससे होने वाले हादसों के मुद्दे पर अदालत ने सवाल उठाते हुए कहा था कि यदि राष्ट्रीय राजमार्गों से मवेशियों को हटाने की व्यवस्था नहीं हो सकती, तो टोल टैक्स वसूलने के अधिकार पर भी सवाल उठता है। अदालत ने इस मामले में राज्य के मुख्य सचिव से शपथपत्र के साथ रोड मैप भी मांगा था।
इसके बावजूद करीब एक साल बाद भी राष्ट्रीय राजमार्गों की जमीनी स्थिति में अपेक्षित बदलाव दिखाई नहीं दे रहा है। NH-149B उरगा-चांपा मार्ग पर लगातार मवेशियों का जमघट इस बात का संकेत है कि हाईकोर्ट की चिंता और निर्देशों के बावजूद सड़क को मवेशी मुक्त रखने की व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू नहीं हो पा रही है।
स्थानीय लोगों और वाहन चालकों का कहना है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर टोल टैक्स की वसूली के साथ यात्रियों की सुरक्षा भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। ऐसे में सड़क पर खुले मवेशियों की मौजूदगी को रोकने के लिए नियमित पेट्रोलिंग, संबंधित स्थानीय निकायों से समन्वय और मवेशियों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था जरूरी है। खासकर रात के समय पेट्रोलिंग और निगरानी बढ़ाए जाने की जरूरत बताई जा रही है।
मवेशियों के सड़क पर पहुंचने से न केवल वाहन चालकों की जान जोखिम में पड़ती है, बल्कि खुद मवेशियों के भी गंभीर रूप से घायल होने या मौत का खतरा बना रहता है। कई बार वाहन चालक अचानक मवेशियों को बचाने के प्रयास में लेन बदलते हैं या ब्रेक लगाते हैं, जिससे पीछे से आने वाले वाहनों के साथ टक्कर की स्थिति भी बन सकती है।
NH-149B पर टोल वसूली के साथ नियमित पेट्रोलिंग और सड़क सुरक्षा व्यवस्था के दावों के बीच मवेशियों का खुलेआम फोरलेन पर विचरण व्यवस्था की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर रहा है। लोगों का कहना है कि यदि सड़क पर लगातार मवेशी दिखाई दे रहे हैं तो संबंधित एजेंसी को इसकी नियमित निगरानी और तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए।
क्षेत्र के लोगों में इस स्थिति को लेकर नाराजगी है। उनका सवाल है कि जब वाहन चालकों से टोल टैक्स लिया जा रहा है, तो आखिर राष्ट्रीय राजमार्ग को मवेशी मुक्त रखने की जिम्मेदारी कौन निभाएगा? लोगों ने एनएचएआई और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों से NH-149B पर नियमित पेट्रोलिंग बढ़ाने, मवेशियों को सड़क से हटाने और दुर्घटनाओं की आशंका वाले स्थानों पर प्रभावी सुरक्षा उपाय करने की मांग की है।
यदि समय रहते इस समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया तो व्यस्त उरगा-चांपा मार्ग पर मवेशियों के कारण किसी बड़े सड़क हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में एनएचएआई और संबंधित प्रशासन को हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते प्रभावी कदम उठाने की जरूरत है।







