कोरबा, 19 सितंबर 2026। बारिश का मौसम कभी पाली विकासखंड के ग्राम फुलवारी पारा निवासी आरती बाई और उनके परिवार के लिए चिंता लेकर आता था। खपरैल की जर्जर छत से घर के भीतर पानी टपकता था और मिट्टी के फर्श पर पानी जमा हो जाता था। परिवार के लिए बारिश के दिनों में घर में रहना भी मुश्किल हो जाता था। सीमित आय के कारण पक्का मकान बनाना आरती बाई के परिवार के लिए लंबे समय से अधूरा सपना बना हुआ था। अब प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से यह सपना धीरे-धीरे साकार हो रहा है।
आरती बाई के पति बस में हेल्पर का काम करते हैं। सीमित आमदनी में परिवार का खर्च चलाने के साथ बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी भी उनके सामने थी। परिवार में दो बच्चे हैं। बेटी कक्षा 12वीं और बेटा कक्षा 11वीं में अध्ययनरत है। ऐसे में रोजमर्रा की जरूरतों और बच्चों की शिक्षा के बीच पक्का मकान बनाना परिवार के लिए आसान नहीं था।
प्रधानमंत्री आवास योजना में आरती बाई का नाम शामिल होने और पहली किस्त की राशि बैंक खाते में पहुंचने के बाद उनके परिवार को अपने पक्के घर की उम्मीद मिली। आर्थिक सहायता मिलने के बाद मकान निर्माण की प्रक्रिया शुरू हुई और घर की नींव खड़ी होने के साथ ही परिवार का वर्षों पुराना सपना आकार लेने लगा।
आरती बाई बताती हैं कि उनके पास इतनी आर्थिक क्षमता नहीं थी कि वे अपने दम पर पक्का मकान बनवा सकें। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना में नाम आने और पहली किस्त की राशि मिलने के बाद उन्हें भरोसा हुआ कि उनका परिवार भी पक्के घर में रह सकेगा। उनके अनुसार, पहले बारिश के दिनों में खपरैल की छत से पानी टपकने के कारण काफी परेशानी होती थी, लेकिन अब पक्का मकान बनने से परिवार को सुरक्षित और बेहतर आवास मिलने की उम्मीद है।
आरती बाई के लिए यह बदलाव सिर्फ मकान निर्माण तक सीमित नहीं है। पक्के घर के निर्माण के साथ परिवार को बारिश के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत मिलने की उम्मीद है। साथ ही बच्चों की पढ़ाई के लिए भी बेहतर और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध होगा। वर्षों से टपकती छत के नीचे रहने वाला परिवार अब अपने स्वयं के पक्के आशियाने की ओर बढ़ रहा है।
आरती बाई ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना जैसी पहल से गरीब परिवारों को अपने घर का सपना पूरा करने का अवसर मिल रहा है। उनका कहना है कि जिस पक्के मकान की उन्होंने कभी सिर्फ कल्पना की थी, वह अब उनकी आंखों के सामने बन रहा है।
आरती बाई की कहानी ग्रामीण क्षेत्र के उस परिवार की तस्वीर पेश करती है, जिसके लिए अपना पक्का घर आर्थिक परिस्थितियों के कारण लंबे समय तक संभव नहीं था। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिली सहायता ने उनके परिवार को सुरक्षित आवास की दिशा में आगे बढ़ने का अवसर दिया है। खपरैल की टपकती छत से पक्के मकान तक का यह सफर परिवार के लिए सुरक्षा, सम्मान और बेहतर भविष्य की उम्मीद से जुड़ा हुआ है।







