रायगढ़ को मिली हाईटेक मोबाइल फॉरेंसिक वैन, अब घटनास्थल पर ही होगी वैज्ञानिक जांच

रायगढ़, 23 मई । जिले में कानून व्यवस्था और अपराध जांच प्रणाली को आधुनिक तकनीक से सशक्त बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जिले को अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन की सौगात मिली है, जिसका शुभारंभ शुक्रवार को क्षेत्रीय एफएसएल कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान किया गया।

महापौर Jeevardhan Chauhan, सभापति Degreeelal Sahu और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक Shashi Mohan Singh ने हरी झंडी दिखाकर मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट को रवाना किया। शासन द्वारा जिले को यह हाईटेक “लैब ऑन व्हील्स” सुविधा आपराधिक मामलों की त्वरित और वैज्ञानिक जांच के लिए उपलब्ध कराई गई है।

नई मोबाइल फॉरेंसिक वैन अब घटनास्थल पर पहुंचकर प्रारंभिक वैज्ञानिक जांच, साक्ष्य संकलन और डिजिटल फॉरेंसिक विश्लेषण करने में सक्षम होगी। इससे अपराधों की विवेचना अधिक सटीक, पारदर्शी और तेज होगी।

महापौर जीवर्धन चौहान ने कहा कि मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के नेतृत्व में प्रदेश सरकार पुलिस और न्याय व्यवस्था को आधुनिक तकनीकों से मजबूत करने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि हाल ही में रायगढ़ में क्षेत्रीय न्यायिक विज्ञान प्रयोगशाला (एफएसएल लैब) की शुरुआत की गई थी, जिससे Sakti और Sarangarh-बिलाईगढ़ सहित आसपास के जिलों को लाभ मिल रहा है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इसे पुलिस आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में जिले को साइबर थाना, क्षेत्रीय एफएसएल लैब और डायल-112 के लिए 16 आधुनिक ईआरवी वाहन मिल चुके हैं। अब मोबाइल फॉरेंसिक यूनिट जुड़ने से घटनास्थल पर तत्काल वैज्ञानिक जांच संभव हो सकेगी, जिससे अपराधियों के खिलाफ मजबूत साक्ष्य जुटाए जा सकेंगे।

उप संचालक एफएसएल एवं वरिष्ठ वैज्ञानिक अधिकारी Dr. P. S. Bhagat ने बताया कि नए आपराधिक कानूनों के तहत गंभीर अपराधों और बड़ी दुर्घटनाओं में फॉरेंसिक टीम की तत्काल मौजूदगी आवश्यक हो गई है।

मोबाइल फॉरेंसिक वैन में हाईटेक सीसीटीवी कैमरे, कंप्यूटर सिस्टम, फिंगरप्रिंट डेवलपमेंट किट, डीएनए सैंपल संग्रह उपकरण, हाई-इंटेंसिटी लाइट सोर्स, डिजिटल फॉरेंसिक टूल्स, जीएसआर जांच किट, दस्तावेजीकरण उपकरण और जीपीएस आधारित बॉडी वॉर्न कैमरा जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इन तकनीकों की मदद से घटनास्थल पर ही महत्वपूर्ण वैज्ञानिक साक्ष्यों को सुरक्षित किया जा सकेगा, जिससे अपराधियों के खिलाफ मजबूत अभियोजन तैयार करने में मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में जिला पंचायत सीईओ Abhijeet Baban Pathare, एडीएम Apoorv Priyesh Toppo, प्रथम जिला एवं सत्र न्यायाधीश Tajeshwari Devi Devangan, एडिशनल एसपी Anil Kumar Soni सहित न्यायालय, अभियोजन और पुलिस विभाग के अधिकारी एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।