शक्ति,06 मई 2026। वेदांता पावर प्लांट सिंघीतरई में 14 अप्रैल को हुए हादसे की जांच अब तेज होती नजर आ रही है। प्रशासन द्वारा 5 मई तक आम लोगों से घटना से जुड़े साक्ष्य प्रस्तुत करने की अपील के बाद सोमवार को विशेष जांच अधिकारी एवं अनुविभागीय दण्डाधिकारी डभरा के समक्ष एक विस्तृत आवेदन सौंपा गया। आवेदन के साथ वीडियो फुटेज, दस्तावेज, समाचार पत्रों की कटिंग और अन्य महत्वपूर्ण प्रमाण भी जमा किए गए हैं।
यह आवेदन पत्रकार एवं सामाजिक कार्यकर्ता आरती वैष्णव की ओर से प्रस्तुत किया गया। आवेदन में हादसे को केवल सामान्य दुर्घटना नहीं बल्कि गंभीर लापरवाही का परिणाम बताया गया है। साथ ही प्लांट प्रबंधन और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करते हुए उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।
प्रशासन ने पूर्व में अपील जारी कर कहा था कि यदि किसी व्यक्ति के पास हादसे से संबंधित कोई भी जानकारी, फोटो, वीडियो या दस्तावेज हों तो वे जांच अधिकारी को उपलब्ध कराएं। इसी कड़ी में अब सामने आए नए साक्ष्यों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है।
आवेदनकर्ताओं का कहना है कि यह पहल केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं बल्कि हादसे में प्रभावित श्रमिकों को न्याय दिलाने का प्रयास है। उनका आरोप है कि यदि समय रहते सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी पर ध्यान दिया जाता तो इतनी बड़ी घटना टाली जा सकती थी।
इधर, मामले में साक्ष्य प्रस्तुत होने के बाद अब लोगों की नजर प्रशासनिक जांच पर टिकी हुई है। क्षेत्र में यह चर्चा तेज है कि जांच के बाद जिम्मेदार अधिकारियों और प्रबंधन पर क्या कार्रवाई होती है तथा हादसे की वास्तविक वजह सामने आ पाती है या नहीं।

