नई दिल्ली । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी राजनीतिक मामलों की कैबिनेट समिति या CCPA की एक महत्वपूर्ण बैठक कर रहे हैं। कैबिनेट की सबसे महत्वपूर्ण समिति जिसे ‘सुपर कैबिनेट’ भी कहा जाता है। यह सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति की बैठक के ठीक बाद हो रही है, जो पिछले हफ्ते कश्मीर के पहलगाम में पर्यटकों की नृशंस हत्या के बाद दूसरी बैठक है।
केंद्रीय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने बुधवार को कहा कि संसदीय मामलों की कैबिनेट समिति पहलगाम आतंकी हमले को लेकर संसद के विशेष सत्र के लिए कांग्रेस समेत कई विपक्षी दलों की मांग पर फैसला करेगी। संसदीय मामलों के विभाग में राज्य मंत्री और कानून मंत्रालय में स्वतंत्र प्रभार संभालने वाले मेघवाल ने संवाददाताओं से कहा कि सीसीपीए का फैसला, जो सत्र बुलाने पर फैसला करता है, उसके बाद ही बताया जाएगा। केंद्रीय मंत्रिमंडल की बुधवार को बैठक हो रही है। कांग्रेस के मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी समेत कई विपक्षी नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले के बाद सामूहिक संकल्प पेश करने के लिए संसद का सत्र बुलाने की मांग की है। इस हमले में 26 लोग मारे गए थे, जिनमें से अधिकतर पर्यटक थे।
इससे पहले पिछली सीसीएस की बैठक के बाद भारत ने पिछले बुधवार को पाकिस्तान के साथ राजनयिक संबंधों को कम करने सहित कई उपायों की घोषणा की थी। भारत ने पहलगाम आतंकवादी हमले के सीमापार संबंधों के मद्देनजर पाकिस्तानी सैन्य अताशे को निष्कासित करने, छह दशक से अधिक पुरानी सिंधु जल संधि को निलंबित करने और अटारी भूमि-पारगमन चौकी को तत्काल बंद करने की घोषणा की।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की जान चली गई थी। इस घटना में पाकिस्तान का हाथ होने की बात सामने आई है। भारत ने कुल चार आतंकियों में से दो के पाकिस्तानी होने का खुलासा किया है। भारत ने इस घटना के मद्देनजर पाकिस्तान पर एक के बाद एक कार्रवाई जारी रखी है और सिंधु जल समझौता तोड़ने के बाद सोमवार को पाकिस्तानी यूट्यूब चैनल्स से जुड़ी सामग्री को भी बैन करने का फैसला किया है।


