मतदान के बाद अब शुरू हुआ जीत-हार को लेकर कयासों का दौर…

आंकड़ों के साथ जीत का दावा-प्रतिदावा कर रहे भाजपा कांग्रेस कार्यकर्ता

भिलाई। नगरीय निकाय चुनाव के मतदान कल समाप्त होने के बाद अब हर जगह चौक चौराहों, पान ठेलों, चाय की टपरी पर भी जीत हार के कयासों को लेकर चर्चा शुरू हो गई है। इसके साथ ही भाजपा कांग्रेस और निर्दलीय प्रत्याशी तथा इनके कार्यकर्ताओं द्वारा जीत हार को लेकर कयास लगाने में लग गये है। खासपौर से भाजपा व कांग्रेस के लोग आंकडों के साथ अपनी अपनी बात रखते हुए दावा प्रतिदावा करना शुरू कर दिये है। वहीं सोशल मीडिया पर भी समर्थक अपने प्रत्याशी की जीत ताल ठोकने से चूक नहीं रहें हैं। फिलहाल राजनीति का ऊंट किस करवट बैठेगा यह तो 15 फरवरी को मतगणना के साथ स्पष्ट हो जाएगा।

दुर्ग जिले में एक नगर निगम सहित तीन-तीन नगर पालिका और नगर पंचायत के आम चुनाव को लेकर मंगलवार को मतदान पूरा हो गया। इसमें दुर्ग नगर निगम सहित अहिवारा, कुम्हारी व अमलेश्वर नगर पालिका और धमधा, पाटन व उतई नगर पंचायत शामिल हैं। इसके अलावा भिलाई, भिलाई-चरोदा व रिसाली नगर निगम के एक-एक वार्ड में उपचुनाव के तहत भी मतदान हुआ है। सभी निकायों में प्रदेश की सत्ताधारी पार्टी भाजपा और विपक्षी दल कांग्रेस के बीच मुकाबला हुआ है।

दुर्ग नगर निगम के चुनावी रण में महापौर पद पर भाजपा की अल्का बाघमार और कांग्रेस की प्रेमलता पोषण साहू के बीच सीधा मुकाबला हुआ है। इसके अलावा निगम क्षेत्र के सभी 60 वार्डों में कुछ सीमित वार्ड को छोड़कर अधिकांशतर वार्डोँ में पार्षद पद के लिए भी भाजपा और कांग्रेस के बीच टक्कर देखने को मिली है।

दुर्ग जिले की कुम्हारी नगर पालिका के भावी परिणाम को लेकर भी राजनीतिक निगाहें टिकी हुई है। यह पालिका पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के निर्वाचन क्षेत्र पाटन विधानसभा का हिस्सा है। यहां पर पिछले दो कार्यकाल से कांग्रेस का कब्जा रहा है। लेकिन पिछले विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री रहते भूपेश बघेल को इस पालिका क्षेत्र से पिछडऩा पड़ गया था। लिहाजा भाजपा में उत्साह का माहौल बना हुआ है। यहां भाजपा ने मीना वर्मा को तो कांग्रेस ने रामप्यारी थनेश पटेल को अपना अध्यक्ष प्रत्याशी बनाया है। अध्यक्ष पद के दोनों ही प्रत्याशी चुनाव में निर्णायक भूमिका निभाने वाले बस्ती क्षेत्र के हैं। मतदान संपन्न होने के बाद से ही भाजपा और कांग्रेस के कार्यकर्ता अपनी जीत का दावा-प्रतिदावा कर रहे हैं। अब 15 फरवरी को प्रत्याशियों के भाग्य का फैसला होगा, लेकिन दुर्ग जिले में चुनाव कौन जीतेगा इसे लेकर अनुमान लगाए जाने लगे हैं।

होटल, पान दुकान, सार्वजनिक चौक-चौराहों, चाय की टपरियों में अब पार्टियों के कार्यकर्ता के साथ-साथ चुनाव में दिलचस्पी रखने वाले लोग भी अपने-अपने आंकड़े बताकर जीत का दावा-प्रतिदावा कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर भी समर्थक अपने-अपने प्रत्याशियों की जीत की ताल ठोकते रहे हैं। चुनाव लड़ रहे उम्मीदवार व राजनीतिक दल अपने समर्थकों से क्षेत्रवार मतदान व वोटों के आंकड़ों को जुटाने में लग गए हैं तो कहीं धोखे व पाला बदलने की भी खबरें भी सामने आ रही है।