माउंट फ्रेंडशिप पीक पर छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का झंडा फहराएंगे पाटन के चमन

दुर्ग । पाटन के चमन लाल हिमाचल प्रदेश के सोलांग वेली स्थित 17,353 फीट की ऊंचाई वाले माउंट फ्रेंडशिप पीक की चढ़ाई करने के लिए रवाना हो गये हैं। छत्तीसगढ़ गौ सेवा आयोग के चेयरमैन रामसुंदर दास ने शुक्रवार को हरी झंडी दिखा कर व बधाई देते हुए रवाना किया।

मन में विश्वास और हौसला लिए 17,353 फीट (5,289 मीटर) की ऊंचाई पर स्थित माउंट फ्रेंडशिप पीक के लिए रवाना हो गये हैं। इस पीक पर पहुँचने के लिए चमन को 9 से 10 दिन का समय लगेगा और इस दौरान ट्रेकिंग के द्वारा लगभग 24 किलोमीटर  दूरी तय करेंगे। माउंट फ़्रेंडसशिप पीक हिमाचल प्रदेश के सोलांग वेली के पीर पंजाल माउंटेन रेंज में आता है।

छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा स्थानीय खेलों को बढ़ावा देने के लिए छत्तीसगढ़िया ओलंपिक का आयोजन प्रदेश भर में किया जा रहा है। इसी कड़ी में पाटन के चमन छत्तीसगढ़िया ओलंपिक को एडवेंचर स्पोर्ट्स के जरिये बढ़ावा देने लिए 17,353 फीट पर हिमाचल के माउंट फ्रेंडशिप पीक “छत्तीसगढ़िया ओलंपिक” का झंडा फहराएंगे। उनके इस अभियान के लिए छत्तीसगढ़ सरकार के खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने सहयोग किया है।

चमन लाल कोसे अल्पाइन टेक्निक क्लाइम्बिंग के साथ साथ विंटर एक्सपीडिशन कर रहे हैं। अल्पाइन टेक्निक से क्लाइम्बिंग यानी इस चढ़ाई में अमूमन 1-2 लोग ही होते हैं और अभियान को पूरा करते है। यह पर्वतारोहण के क्षेत्र में सबसे उच्चतम श्रेणी की विधा है। विंटर एक्सपीडिशन का मतलब शरद ऋतु में पर्वतारोहण करना है। विंटर एक्सपीडिशन 1 % से भी कम पर्वतारोही ही कर पाते है। इस तरह राष्ट्रीय स्तर पर विंटर एक्सपीडिशन करने वाले छत्तीसगढ़ के पहले व्यक्ति चमन लाल कोसे होंगे। इससे पहले माउन्टेन मेन राहुल गुप्ता ने अंतर्राष्ट्रीय स्तर के पहाड़ों पर अल्पाइन टेक्निक के साथ साथ विंटर एक्सपीडिशन किया है।

कौन हैं पाटन के चमन
25 वर्षीय चमन लाल कोसे दुर्ग जिले के पाटन के रहने वाले हैं। चमन एक मध्यम वर्गीय परिवार के है। उनके पिता एक किसान हैं। साथ ही चमन वर्तमान समय में कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय रायपुर में समाजकार्य विभाग के प्रथम सेमस्टर के विद्यार्थी हैं।