रायपुर ,17 सितंबर । पुलिस की वर्दी सिर्फ कानून-व्यवस्था संभालने की जिम्मेदारी नहीं देती, बल्कि जरूरत के वक्त इंसानियत और संवेदनशीलता दिखाने का फर्ज भी याद दिलाती है। राजधानी रायपुर में सिविल लाइन थाने में पदस्थ ASI संतोष यादव ने ऐसा ही मानवीय उदाहरण पेश किया है।
बताया गया कि एक लावारिस शव मिलने के बाद उसकी पहचान और परिजनों का पता नहीं चल सका। ऐसे में ASI संतोष यादव ने संवेदनशीलता दिखाते हुए शव के अंतिम संस्कार की जिम्मेदारी अपने स्तर पर निभाई।
पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में कराया अंतिम संस्कार
ASI संतोष यादव की पहल पर पुलिसकर्मियों की मौजूदगी में शव को विधि-विधान के अनुसार दफनाया गया। इस दौरान पुलिसकर्मी और अन्य लोग भी मौके पर मौजूद रहे।
आमतौर पर लावारिस शव मिलने के बाद पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी उसकी पहचान और परिजनों की तलाश से जुड़ी होती है। लेकिन इस मामले में पहचान नहीं हो पाने के बाद भी शव को सम्मानजनक अंतिम विदाई दिलाने की पहल की गई।
“वर्दी के साथ इंसानियत भी जरूरी”
ASI संतोष यादव की इस पहल की सराहना की जा रही है। उनके इस कदम ने यह संदेश दिया कि किसी व्यक्ति की पहचान भले ही सामने न आई हो, लेकिन उसके अंतिम सम्मान और गरिमा का अधिकार बना रहता है।
पुलिसकर्मी की इस संवेदनशील पहल ने एक बार फिर यह बात सामने रखी कि वर्दी के साथ इंसानियत भी जरूरी है।







