वेतन विसंगति दूर करने लिपिक संघ ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन

सूरजपुर । छत्तीसगढ़ लिपिक वर्गीय शासकीय कर्मचारी संघ, जिला शाखा सूरजपुर ने शुक्रवार को वेतन विसंगति सहित सात सूत्रीय मांगों को लेकर एक ज्ञापन सौंपा। मुख्यमंत्री के नाम यह ज्ञापन संघ के जिला अध्यक्ष हुलेश्वर गुप्ता के नेतृत्व में सौंपा गया, जिसमें लिपिक वर्ग की वेतन विसंगतियों को दूर करने और पदनाम परिवर्तन सहित अन्य मांगों का उल्लेख किया गया है।

मुख्य मांगें
वेतन विसंगति
संघ की प्रमुख मांग है कि छठे वेतनमान के तहत सहायक ग्रेड 3 का वेतनमान 1900 से बढ़ाकर 2400 किया जाए। इसके साथ ही, सहायक ग्रेड 2 के 2400 वेतनमान को 2800, सहायक ग्रेड 1 और अन्य वरिष्ठ पदों का वेतनमान 2800 से बढ़ाकर 4200, और अधीक्षक का वेतनमान 4300 से बढ़ाकर 4800 किए जाने की मांग की गई है।

पदनाम परिवर्तन
लिपिक संघ ने लिपिक पदों के नामों में बदलाव की मांग की है, जिसमें सहायक ग्रेड 3 को “कनिष्ठ कार्यालय सहायक”, सहायक ग्रेड 2 को “वरिष्ठ कार्यालय सहायक” और सहायक ग्रेड 1 को “सहायक अधीक्षक” बनाने की बात शामिल है।

परीक्षा अवधि समाप्त करना
संघ का कहना है कि लिपिकों की नियुक्ति कौशल परीक्षा के आधार पर की जाती है, इसलिए उनके लिए परीक्षा अवधि समाप्त की जाए और कौशल परीक्षा योग्यता को शिथिल किया जाए। इसके साथ ही, विभागीय सेटअप का पुनः परीक्षण भी करने की मांग की गई है।

अधीनस्थ लेखा परीक्षा
लिपिकों के लिए अधीनस्थ लेखा परीक्षा का आयोजन हर साल करने की मांग की गई है ताकि वे समय-समय पर उच्च पदों पर पदोन्नति पा सकें।

40 वर्षों से चली आ रही समस्या
जिला अध्यक्ष हुलेश्वर गुप्ता के अनुसार, वेतन विसंगति की यह समस्या पिछले 40 वर्षों से चली आ रही है, लेकिन अब तक इसे हल नहीं किया गया है। पूर्ववर्ती सरकार ने लिपिकों की वेतन विसंगति को दूर करने के लिए पिंगुआ कमेटी का गठन किया था, लेकिन उसकी रिपोर्ट अब तक प्रकाशित नहीं की गई है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार नहीं किया गया, तो लिपिक वर्ग उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा।

इस एक दिवसीय रैली और ज्ञापन कार्यक्रम में उपप्रांताध्यक्ष नजीर अहमद खान, प्रांतीय सचिव राम सुमर मिश्रा, जिला उपाध्यक्ष साहब लाल कुर्रे, तहसील अध्यक्ष देवेंद्र साहू, और अन्य प्रमुख पदाधिकारियों एवं संघ के सदस्यों ने हिस्सा लिया।

इस ज्ञापन के माध्यम से लिपिक संघ ने शासन से अपनी मांगों पर विचार करने और उन्हें शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया है।