रायपुर ,15 सितंबर। राजधानी में अध्यात्म, संयम और स्वाध्याय की अविरल धारा बहने जा रही है। समयोपदेश वर्षायोग 2026 के अंतर्गत पर्वाधिराज दशलक्षण महापर्व के अवसर पर ‘श्रावक संस्कार शिविर 2026’ का आयोजन किया जा रहा है। मुनि आगम सागर ससंघ के पावन सानिध्य में होने वाला यह 10 दिवसीय आवासीय एवं आध्यात्मिक शिविर 16 से 25 सितंबर 2026 तक दिगम्बर जैन बड़ा मंदिर, मालवीय रोड, रायपुर में आयोजित होगा।
शिविर का उद्देश्य श्रावकों के जीवन में जैन जीवनशैली, संयम, स्वाध्याय और धार्मिक संस्कारों को मजबूत करना है। शिविर में शामिल होने वाले प्रतिभागियों के लिए भोर से लेकर रात्रि तक आध्यात्मिक साधना, धार्मिक शिक्षण और अनुशासनबद्ध दिनचर्या निर्धारित की गई है।
सुबह प्रार्थना से शुरू होगी दिनचर्या
शिविर की शुरुआत सुबह 5:30 बजे प्रार्थना से होगी। इसके बाद योग एवं आत्म-ध्यान, नित्य नियम पूजन, मूलनायक भगवान का अभिषेक और शांतिधारा कराई जाएगी।
सुबह 8:15 से 9 बजे तक तत्त्वार्थ सूत्र की विशेष स्वाध्याय कक्षा होगी। इसके बाद सुबह 9 बजे मुनि आगम सागर की मंगल देशना और प्रवचन होगा।
सुबह 9:30 से 11 बजे तक मुनि ससंघ की नवधा भक्तिपूर्वक आहारचर्या के साथ शिविरार्थियों की आहारचर्या होगी। इसके बाद विश्राम और व्यक्तिगत अवकाश का समय निर्धारित है।
धर्म सिद्धांत और आत्मचिंतन पर विशेष जोर
दोपहर 1 बजे सामायिक एवं आत्म-चिंतन के बाद 1:30 से 4:30 बजे तक धर्म सिद्धांत कक्षा और सैद्धांतिक शिक्षण होगा। इस दौरान प्रतिभागियों को जैन धर्म के सिद्धांतों और आध्यात्मिक जीवन से जुड़े विषयों का अध्ययन कराया जाएगा।
शाम 4:30 से 5:30 बजे तक दूध, जल एवं फलाहार के रूप में सामूहिक निर्दोष अल्पाहार रखा गया है। इसके बाद दशलक्षण प्रतिक्रमण, ओंकार मंत्र जप और धर्म ध्यान कराया जाएगा।
108 दीपों से होगी प्रभु की महाआरती
शिविर के दौरान शाम 6:15 बजे आचार्य भक्ति के बाद 6:30 से 7:30 बजे तक 108 दीपों से प्रभु की महाआरती और संगीतमय भक्ति भजन का आयोजन होगा।
इसके बाद स्वाध्याय एवं रात्रि धर्म कक्षा होगी। रात 8:30 से 9 बजे तक मुनि ससंघ की वैयावृत्ति यानी सेवा-भक्ति के बाद रात 9 बजे गृह प्रस्थान एवं रात्रिकालीन विश्राम होगा।
15 वर्ष से अधिक आयु के पुरुष और युवक ले सकेंगे हिस्सा
आयोजकों के अनुसार, 15 वर्ष से अधिक आयु के सभी पुरुष एवं युवक इस संस्कार शिविर में भाग लेने के लिए पात्र हैं। आयोजकों ने सकल दिगम्बर जैन समाज के युवाओं और पुरुषों से अधिक से अधिक संख्या में पंजीयन कराने की अपील की है।
आयोजकों का कहना है कि यह शिविर केवल धार्मिक गतिविधियों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि प्रतिभागियों को संयमित जीवन, आत्मचिंतन, स्वाध्याय और धार्मिक संस्कारों से जोड़ने का अवसर देगा।







