भाई दूज के साथ ही आज होगी चित्रगुप्त पूजा, जानें शुभ मुहूर्त, पूजन विधि से लेकर सब कुछ

भाई दूज के साथ आज के दिन भगवान चित्रगुप्त का भी पूजन किया जाता है और इसे चित्रगुप्त पूजा कहते हैं।  चित्रगुप्त पूजा का विशेष महत्व है और इन्हें कलम के आराध्य देव के तौर पर पूजा जाता है।  यह त्योहार कार्तिक माह के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि के दिन मनाया जाता है और इस दिन लोग चित्रगुप्त का पूजन लेखनी के रूप में करते हैं।  इस दिन भगवान के समक्ष अपनी आमदनी और खर्चों का ब्योरा रखा जाता है।  साथ ही नए बहिखातों पर ‘श्री’ लिखकर उन्हें भगवान चित्रगुप्त के सामने रखा जाता है और उनसे बरकत का आशीर्वाद मांगा जाता है।

चित्रगुप्त पूजा मुहूर्त 2022

26 अक्टूबर, दोपहर 03 बजकर 35 मिनट से कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि की शुरूआत

27 अक्टूबर, दोपहर 02 बजकर 12 मिनट पर कार्तिक शुक्ल द्वितीया तिथि की समाप्ति

आज दोपहर, दोपहर 12 बजकर 11 मिनट से कल सुबह 06 बजकर 30 मिनट तक सर्वार्थ सिद्धि योग

चित्रगुप्त पूजा 2022 दिन-रात के शुभ समय

लाभ-उन्नति: सुबह 06:29 बजे से सुबह 07:53 बजे तक

अमृत-सर्वोत्तम: सुबह 07:53 बजे से सुबह 09:17 बजे तक

शुभ-उत्तम: सुबह 10:41 बजे से दोपहर 12:05 बजे तक

लाभ-उन्नति: शाम 04:17 बजे से शाम 05:41 बजे तक

शुभ-उत्तम: शाम 07:17 बजे से रात 08:53 बजे तक

अमृत-सर्वोत्तम: रात 08:53 बजे से रात 10:29 बजे तक

चित्रगुप्त प्रार्थना मंत्र

मसिभाजनसंयुक्तं ध्यायेत्तं च महाबलम्।

लेखिनीपट्टिकाहस्तं चित्रगुप्तं नमाम्यहम्।।

चित्रगुप्त पूजा मंत्र

ॐ श्री चित्रगुप्ताय नमः

पूजा विधि

1. सबसे पहले शुभ मुहूर्त में पूर्व दिशा में एक चौक बना लें और वहां पर एक चौकी रखें।

2. उस पर चित्रगुप्त महाराज की मूर्ति या तस्वीर, नई कलम, दवात और खाताबही रखें।

3. सबसे पहले चित्रगुप्त महाराज का पंचामृत से स्नान कराएं. फिर चंदन, अक्षत्, फूल, फल, वस्त्र, धूप, दीप, नैवेद्य आदि अर्पित करते हुए पूजन करें।

4. पूजा के समय पूजा मंत्र का उच्चारण करते रहें. फिर नई कलम, खाताबही और दवात का पूजन करें।