देश की सबसे बड़ी बीमा कंपनी भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) का आईपीओ जिन निवेशकों को अलॉट हुआ है, वो अब तक नुकसान में हैं। अब सरकार ने निवेशकों को बेहतर रिटर्न के लिए एक नया प्लान बनाया है। बता दें कि एलआईसी के आईपीओ से सरकार को 21,000 करोड़ रुपये प्राप्त हुए थे।
क्या है प्लान: एक अधिकारी के मुताबिक वित्त मंत्रालय कंपनी के प्रदर्शन की समीक्षा के दौरान एलआईसी प्रबंधन को उन कदमों के बारे में जागरूक कर रहा है, जो निवेशकों की पूंजी बढ़ाने में सहायक हो सकते हैं। अधिकारी के मुताबिक आधुनिकीकरण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हम प्रबंधन के साथ काम कर रहे हैं ताकि वे अपने उत्पादों की पेशकश का आधुनिकीकरण करें और पॉलिसीधारकों को कम लाभांश का भुगतान करें।
आपको बता दें कि गैर-भागीदारी वाले बीमा उत्पादों में बीमा कंपनियों को पॉलिसीधारकों को लाभांश के रूप में अपने लाभ को साझा करने की जरूरत नहीं होती। वहीं भागीदारी वाले उत्पादों में बीमा कंपनियों को बीमा कंपनियों को पॉलिसीधारकों को लाभांश देना होता है।
17 मई को हुई थी लिस्टिंग: एलआईसी 17 मई को शेयर बाजारों में लिस्टेड हुई थी। तब से कंपनी का शेयर अपने आईपीओ के इश्यू प्राइस 949 रुपये के स्तर तक भी नहीं जा सका है। बता दें कि कंपनी का शेयर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज पर 872 रुपये के भाव पर सूचीबद्ध हुआ था। मंगलवार को कंपनी का शेयर 595.50 रुपये पर बंद हुआ।
ब्रोकरेज को उम्मीद: हालांकि, विदेशी ब्रोकरेज कंपनियां एलआईसी के शेयर को लेकर ‘आशावादी’ हैं। ब्रोकरेज कंपनियों ने अगले साल के लिए कंपनी के शेयर का लक्ष्य काफी ऊंचा तय किया है। सिटी ने 14 अक्टूबर की एक रिसर्च रिपोर्ट में एलआईसी के शेयर के लिए 1,000 रुपये का लक्ष्य निर्धारित किया है। रिपोर्ट के मुताबिक एलआईसी परिपक्व वैश्विक कंपनियों की तुलना में बेहतर स्थिति में है। एलआईसी का पहली तिमाही का एकल शुद्ध लाभ 2.94 करोड़ रुपये से बढ़कर 682.88 करोड़ रुपये हो गया।


