बस्तर,08 नवम्बर 2026। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षाबलों के जवानों के साथ दीपावली मनाई। इस अवसर पर उन्होंने नक्सलवाद के खिलाफ दशकों तक चली लड़ाई में सुरक्षाबलों के साहस, त्याग और बलिदान की सराहना करते हुए कहा कि वर्ष 2026 की दीपावली देश के लिए ऐतिहासिक है। यह पहली दीपावली है, जब देश नक्सलवाद और माओवादी आतंक के खिलाफ दशकों पुरानी लड़ाई जीत चुका है और देश का हर जिला नक्सलवाद से मुक्त हो चुका है।
प्रधानमंत्री ने जवानों को संबोधित करते हुए कहा कि एक समय देश के करीब 20 राज्यों के 230 से अधिक जिले नक्सलवाद की चपेट में थे। शाम होते ही कई इलाकों में जनजीवन ठहर जाता था। लोग घरों से बाहर निकलने से डरते थे और नक्सलियों ने आम नागरिकों से मतदान का अधिकार तक छीन लिया था। बिहार, महाराष्ट्र, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ सहित देश का बड़ा हिस्सा वामपंथी उग्रवाद से प्रभावित था।
उन्होंने दंतेवाड़ा में वर्ष 2010 की दर्दनाक घटनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि नक्सली मुठभेड़ में सीआरपीएफ के 76 जवान शहीद हुए थे। इसी वर्ष दंतेवाड़ा में एक अन्य घटना में 44 निर्दोष नागरिकों की हत्या कर दी गई थी। यह धरती वीर जवानों के रक्त से अभिषिक्त हुई है। प्रधानमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद के खिलाफ इस कठिन लड़ाई में लाखों सुरक्षाकर्मियों ने अदम्य साहस और समर्पण का परिचय दिया है।
मोदी ने कहा कि देश की सीमाओं की रक्षा करने वाली सेना की तरह ही आंतरिक सुरक्षा में लगे सीआरपीएफ, कोबरा, बीएसएफ, आईटीबीपी, एसएसबी, आईआरबी, राज्य पुलिस और बस्तर फाइटर्स के जवान भी राष्ट्र की सुरक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। महिला सुरक्षाकर्मियों के योगदान की भी उन्होंने सराहना की।

प्रधानमंत्री ने कहा कि करोड़ों देशवासी सुरक्षाबलों पर गर्व करते हैं। नक्सलवाद से प्रभावित रहे बस्तर में आज विकास की नई शुरुआत हुई है। जवानों के त्याग और तपस्या के कारण कभी भय के लिए पहचानी जाने वाली इस धरती पर अब शांति और विकास की बहार है।
उन्होंने जवानों को दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे सीमाओं और देश के भीतर राष्ट्र की रक्षा करने वाले सभी जवानों को अपने परिवार का हिस्सा मानते हैं। उन्होंने 140 करोड़ देशवासियों की ओर से सुरक्षाबलों के प्रति आभार व्यक्त किया।







