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वीबी-जी राम जी योजना में छत्तीसगढ़ का शानदार प्रदर्शन, श्रमिकों की ई-केवाईसी में बड़े राज्यों में देश में अव्वल

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  • कुशल एवं अर्द्धकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में सभी राज्यों को पछाड़ा, अकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में चौथा स्थान; प्रदेश में 73 लाख से अधिक श्रमिकों का सत्यापन पूरा

रायपुर, 03 नवंबर। छत्तीसगढ़ ने वीबी- राम योजना के तहत श्रमिकों की ई-केवाईसी के मामले में राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धि हासिल की है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व और उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में प्रदेश ने ई-केवाईसी के कार्य में देश के बड़े राज्यों को पीछे छोड़ दिया है। खास बात यह है कि कुशल एवं अर्द्धकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में छत्तीसगढ़ सभी राज्यों में पहले स्थान पर है, जबकि अकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में बड़े राज्यों में प्रदेश ने शीर्ष स्थान हासिल किया है।

केंद्र सरकार की 3 नवंबर 2026 की रिपोर्ट के अनुसार, छत्तीसगढ़ में दोनों श्रेणियों को मिलाकर कुल 80 लाख 1 हजार 394 पंजीकृत श्रमिकों में से 73 लाख 3 हजार 451 श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। इस तरह प्रदेश में कुल पंजीकृत श्रमिकों के 91.28 प्रतिशत का डिजिटल सत्यापन पूरा कर लिया गया है। यह उपलब्धि राष्ट्रीय औसत से काफी बेहतर है।

अकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में बड़े राज्यों में पहला स्थान

अकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में छत्तीसगढ़ ने 91.37 प्रतिशत उपलब्धि दर्ज की है। प्रदेश के कुल 79 लाख 23 हजार 503 पंजीकृत अकुशल श्रमिकों में से 72 लाख 39 हजार 364 श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। इस श्रेणी में छत्तीसगढ़ देश के सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों की संयुक्त रैंकिंग में चौथे स्थान पर है, जबकि बड़े राज्यों में पहला स्थान प्राप्त किया है।

इस श्रेणी में राष्ट्रीय औसत 61.01 प्रतिशत है। इसके मुकाबले छत्तीसगढ़ का प्रदर्शन 30.36 प्रतिशत अंक अधिक है। प्रदेश ने पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, मध्यप्रदेश, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र जैसे राज्यों को पीछे छोड़ दिया है।

कुशल एवं अर्द्धकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में सभी राज्यों से आगे

कुशल एवं अर्द्धकुशल श्रमिकों की ई-केवाईसी में भी छत्तीसगढ़ ने शानदार प्रदर्शन किया है। प्रदेश के 77 हजार 891 पंजीकृत श्रमिकों में से 64 हजार 87 श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी हो चुकी है। इस तरह प्रदेश ने 82.28 प्रतिशत उपलब्धि हासिल की है।

राष्ट्रीय रैंकिंग में दादरा एवं नगर हवेली तथा दमन एवं दीव 98.33 प्रतिशत के साथ पहले स्थान पर है, जबकि छत्तीसगढ़ 82.28 प्रतिशत उपलब्धि के साथ संयुक्त रैंकिंग में दूसरे स्थान पर है। हालांकि, देश के सभी राज्यों की तुलना में छत्तीसगढ़ इस श्रेणी में पहले स्थान पर है।

इस श्रेणी में राष्ट्रीय औसत केवल 13.53 प्रतिशत है, जबकि छत्तीसगढ़ की उपलब्धि इससे 68.75 प्रतिशत अंक अधिक है। प्रदेश ने महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, तमिलनाडु, मध्यप्रदेश और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों से बेहतर प्रदर्शन किया है।

ई-केवाईसी से श्रमिकों को मिलेगा योजनाओं का पारदर्शी लाभ

श्रमिकों की ई-केवाईसी पूरी होने से उनकी पहचान का सत्यापन और सरकारी अभिलेखों की शुद्धता सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। साथ ही रोजगार और मजदूरी भुगतान से जुड़ी प्रक्रियाओं में पारदर्शिता बढ़ेगी। इससे पात्र श्रमिकों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और डिजिटल व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने में सहायता मिलेगी।

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाने और श्रमिकों के हितों की सुरक्षा के लिए लगातार प्रयास कर रही है। वहीं उप मुख्यमंत्री एवं पंचायत तथा ग्रामीण विकास मंत्री विजय शर्मा के मार्गदर्शन में वीबी- राम योजना के क्रियान्वयन, श्रमिकों के डिजिटल सत्यापन और विभागीय कार्यों की नियमित निगरानी को प्राथमिकता दी जा रही है।

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