मुंगेली, 31 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के मुंगेली जिले में सरपंच चुनाव की रंजिश के चलते तुलसी साहू की हत्या के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। वर्ष 2025 के सरपंच चुनाव में हार के बाद मतगणना में गड़बड़ी का संदेह करने वाले मुख्य आरोपी धनीराम साहू ने कथित तौर पर तुलसी साहू के अपहरण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये में सुपारी तय की थी। पुलिस ने हत्या, अपहरण, आपराधिक षड्यंत्र और साक्ष्य छिपाने के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
मुंगेली पुलिस के अनुसार, पुलिस महानिरीक्षक बिलासपुर रेंज रामगोपाल गर्ग के निर्देशन और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के मार्गदर्शन में थाना सरगांव और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने तकनीकी साक्ष्यों एवं विवेचना के आधार पर इस अंधेकत्ल का खुलासा किया।
पुलिस के मुताबिक, 25 अक्टूबर 2026 की शाम तुलसी साहू घर से अपनी बहन के घर सरगांव जाने के लिए निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने तलाश शुरू की तो उसकी मोटरसाइकिल ग्राम पेण्ड्री ‘स’ स्थित जय भोलेनाथ राइस मिल के पास मिली। आगे तलाश करने पर गणेश मिनरल्स के पास सड़क किनारे अपशिष्ट पानी से बने कीचड़ और झाड़ियों के बीच उसका शव मिला। सूचना मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पोस्टमार्टम और जांच में गला घोंटकर हत्या करने तथा मृतक के दोनों पैरों को बिजली के तार से बांधने की बात सामने आई। आरोपियों ने शव को झाड़ियों में छिपाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया था।
पुलिस जांच में सामने आया कि ग्राम पेण्ड्री ‘स’ निवासी धनीराम साहू वर्ष 2025 के सरपंच चुनाव में करीब 8-9 वोटों से हार गया था। गांव के झुलुराम वर्मा चुनाव जीतकर सरपंच बने थे और तुलसी साहू मतगणना अभिकर्ता था। धनीराम को संदेह था कि तुलसी ने मतगणना के दौरान कुछ वोट जानबूझकर निरस्त करवाए थे, जिसके कारण उसे हार का सामना करना पड़ा। इसी रंजिश के चलते धनीराम ने अपने साले भुवन साहू के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची।
पुलिस के अनुसार, ओमनारायण राजपूत के माध्यम से कोटा निवासी सुरेंद्र जोशी से संपर्क किया गया और तुलसी के अपहरण के लिए 1.20 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। इसमें 70 हजार रुपये अग्रिम दिए गए थे। 25 अक्टूबर की शाम सुरेंद्र जोशी अपने साथी कुणाल बक्शी और अन्य लोगों के साथ कार से ग्राम पेण्ड्री ‘स’ पहुंचा। तुलसी के घर से निकलने के बाद आरोपियों ने उसका पीछा किया और रास्ते में जबरन कार में बैठाकर अपहरण कर लिया।
इसके बाद तुलसी को एक ट्यूबवेल के पंप हाउस में ले जाया गया, जहां धनीराम साहू और भुवन साहू ने कथित तौर पर उसे डराकर 100 रुपये के स्टाम्प पेपर पर चुनाव में गड़बड़ी स्वीकार करने संबंधी शपथपत्र लिखवाया। इस दौरान मोबाइल फोन से वीडियो भी बनाया गया। पुलिस के मुताबिक, इसके बाद मृतक के पैरों को बिजली के तार से बांधकर गमछे से गला घोंट दिया गया। हत्या के बाद शव को मोटरसाइकिल की मदद से गणेश मिनरल्स के पास सड़क किनारे कीचड़ और झाड़ियों में छिपा दिया गया। आरोपियों ने मृतक के जूते, जैकेट, चार्जर और मोबाइल फोन को अलग-अलग स्थानों पर फेंककर या छिपाकर साक्ष्य मिटाने का प्रयास किया।
पुलिस ने मामले में धनीराम साहू (40), भुवन साहू (28), ओम उर्फ ओमनारायण राजपूत (25), सुरेंद्र जोशी (25) और टीकाराम साहू (53) को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को 30 अक्टूबर 2026 को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। आरोपियों की निशानदेही पर बिजली के तार के टुकड़े, मृतक के जूते, जैकेट, मोबाइल चार्जर, मोबाइल फोन, स्टाम्प पेपर, शपथपत्र लिखने का वीडियो, घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और निशान कार जब्त की गई है। इसके अलावा कथित सुपारी की रकम में से शेष 10 हजार रुपये भी बरामद किए गए हैं।
पुलिस ने मामले में हत्या और साक्ष्य छिपाने के साथ अपहरण तथा आपराधिक षड्यंत्र से संबंधित धाराएं भी जोड़ी हैं। अन्य आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है। अंधेकत्ल का खुलासा करने वाली पुलिस टीम की सराहना करते हुए पुलिस महानिरीक्षक रामगोपाल गर्ग ने उत्कृष्ट कार्य करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को नगद पुरस्कार देने की घोषणा की है। इस कार्रवाई में थाना सरगांव पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।





