बालोद, 14 सितम्बर 2026। जिले के रनचीराई थाना क्षेत्र के ग्राम झोपरा में तीज पर्व की खुशियों के बीच एक दर्दनाक हादसा हो गया। पानी से भरे कम्पोस्ट पिट में डूबने से ढाई साल के मासूम बच्चे की मौत हो गई। मृतक की पहचान रुद्राक्ष नेटी के रूप में हुई है। मासूम की मौत की खबर मिलते ही परिवार में मातम पसर गया और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
जानकारी के अनुसार, रुद्राक्ष नेटी घर के आसपास खेल रहा था। इसी दौरान खेलते-खेलते वह घर के नजदीक बने कम्पोस्ट पिट में जा गिरा। ग्रामीण क्षेत्रों में कम्पोस्ट पिट को घुरवा के नाम से भी जाना जाता है। बताया जा रहा है कि हादसे के समय कम्पोस्ट पिट में पानी भरा हुआ था। मासूम के उसमें गिरने के बाद वह पानी में डूब गया, जिससे उसकी मौत हो गई।
ढाई साल के मासूम की असमय मौत से परिवार सदमे में है। तीज पर्व के चलते घर में जहां खुशियों का माहौल था, वहीं अचानक हुए इस हादसे ने पूरे परिवार को गहरे दुख में डाल दिया। घटना की जानकारी सामने आने के बाद गांव में भी शोक का माहौल है।
मासूम के परिजनों ने कम्पोस्ट पिट की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि कम्पोस्ट पिट को चारों तरफ से सुरक्षित करने के लिए पहले भी कई बार कहा गया था। उनका कहना है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए गड्ढे के चारों ओर घेरा लगाने की जरूरत थी, लेकिन कथित तौर पर उनकी बात पर ध्यान नहीं दिया गया। परिजनों का कहना है कि यदि समय रहते कम्पोस्ट पिट को सुरक्षित कर दिया गया होता तो शायद यह दर्दनाक हादसा टाला जा सकता था।
इस घटना के बाद गांव में बने कम्पोस्ट पिट और घुरवा की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठ रहे हैं। खासकर ऐसे स्थान जहां पानी जमा हो, वहां छोटे बच्चों के पहुंचने की आशंका बनी रहती है। ऐसे में सुरक्षा घेरा या अन्य जरूरी इंतजाम नहीं होने पर दुर्घटना का खतरा बढ़ जाता है।
हालांकि, कम्पोस्ट पिट को लेकर परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है। यह भी स्पष्ट होना बाकी है कि पिट को सुरक्षित करने के लिए पहले किस स्तर पर शिकायत या आग्रह किया गया था और हादसे के समय वहां सुरक्षा के क्या इंतजाम मौजूद थे। मामले की जांच के बाद ही लापरवाही की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
मासूम रुद्राक्ष की मौत ने गांवों में बच्चों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर चिंता पैदा कर दी है। घरों के आसपास खुले गड्ढे, पानी से भरे कम्पोस्ट पिट और अन्य असुरक्षित स्थान छोटे बच्चों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। ऐसे में ग्राम पंचायत और संबंधित विभागों द्वारा गांवों में बने कम्पोस्ट पिट की सुरक्षा व्यवस्था की जांच किए जाने की जरूरत है।
परिजन अब पूरे मामले की जांच और जिम्मेदारी तय किए जाने की मांग कर रहे हैं। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो नियमानुसार कार्रवाई की उम्मीद है। साथ ही ग्रामीणों की मांग है कि गांव में मौजूद अन्य खुले और पानी से भरे कम्पोस्ट पिट को भी सुरक्षित कराया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की दर्दनाक घटना दोबारा न हो।







