बालोद, 20 सितम्बर 2026 । जिले के निजी क्षेत्र के प्रमुख शिक्षण संस्थानों में शामिल निर्मला सीनियर सेकेंडरी स्कूल में जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) दीपक दुबे की टीम ने शनिवार को औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान शासन के दिशा-निर्देशों और विद्यार्थियों से जुड़ी अनिवार्य शैक्षणिक योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर कई बिंदुओं पर स्कूल प्रबंधन से जानकारी ली गई। कुछ मामलों में अपेक्षित स्तर पर कार्रवाई नहीं मिलने पर शिक्षा विभाग ने प्रबंधन को नोटिस जारी कर तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं।
जानकारी के अनुसार, निरीक्षण के दौरान शासन की ओर से संचालित विभिन्न अभियानों और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की स्थिति की भी समीक्षा की गई। सेवा संकल्प अभियान के तहत गतिविधियों के आयोजन, ‘आशीर्वाद का दीया’ कार्यक्रम को लेकर पहल तथा स्कूल परिसर में महान विभूतियों के चित्र एवं प्रतिमाओं की उपलब्धता सहित अन्य विषयों को लेकर भी प्रबंधन से जवाब मांगा गया। इन मामलों में अपेक्षित पहल नहीं होने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने स्कूल प्रबंधन को कड़ी फटकार लगाई और शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।
DEO दीपक दुबे ने स्पष्ट किया कि शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों और शैक्षणिक योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्कूल प्रबंधन को निरीक्षण के दौरान सामने आए सभी बिंदुओं पर आवश्यक सुधार करने और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शिक्षा विभाग ने प्रबंधन से तीन दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण मांगा है। निर्धारित समय-सीमा में जवाब प्रस्तुत नहीं करने या जवाब संतोषजनक नहीं पाए जाने की स्थिति में नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जा सकती है।
जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि शासन की विभिन्न योजनाओं और अभियानों का उद्देश्य विद्यार्थियों में आवश्यक जानकारी, जागरूकता और संस्कारों को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि इन कार्यक्रमों का प्रभावी क्रियान्वयन स्कूल स्तर पर गंभीरता से किया जाना जरूरी है, ताकि शासन की मंशा के अनुरूप उनका संदेश विद्यार्थियों तक पहुंचे।
औचक निरीक्षण के दौरान जिला शिक्षा अधिकारी दीपक दुबे के साथ जिले के एपीसी आर.आर. कृदत और डौंडी के विकासखंड शिक्षा अधिकारी (BEO) प्रवीण चतुर्वेदी भी मौजूद रहे। टीम ने स्कूल में शासन के निर्देशों के पालन की स्थिति का जायजा लिया और प्रबंधन को आवश्यक सुधार के निर्देश दिए।
अब स्कूल प्रबंधन की ओर से तीन दिनों के भीतर प्रस्तुत किए जाने वाले स्पष्टीकरण और उसके आधार पर शिक्षा विभाग द्वारा की जाने वाली आगामी कार्रवाई पर नजर रहेगी।







