Home / Chhattisgarh / जांजगीर में 32 लाख की डिजिटल अरेस्ट ठगी: इंदौर से दो आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने मोबाइल और बैंक दस्तावेज किए जब्त

जांजगीर में 32 लाख की डिजिटल अरेस्ट ठगी: इंदौर से दो आरोपी गिरफ्तार, पुलिस ने मोबाइल और बैंक दस्तावेज किए जब्त

ख़बर शेयर करें:

जांजगीर-चांपा, 02 नवंबर 2026। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले में 32 लाख रुपए की डिजिटल अरेस्ट साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने एक बार फिर बड़ी कार्रवाई की है। थाना साइबर पुलिस की टीम ने मध्य प्रदेश के इंदौर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने मनी लॉन्ड्रिंग केस में फंसाने और सीबीआई की कार्रवाई का डर दिखाकर एक बुजुर्ग व्यक्ति से 32 लाख रुपए की ठगी की थी। इस मामले में इससे पहले पंजाब से एक आरोपी की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पुलिस के अनुसार, जांजगीर निवासी तुषारकर देवांगन ने शिकायत दर्ज कराई थी कि साइबर ठगों ने खुद को टेलीकॉम अथॉरिटी का अधिकारी विजय खन्ना बताकर फोन किया। आरोपियों ने उनके मोबाइल नंबर का इस्तेमाल मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में होने और मुंबई के कोलाबा पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज होने की बात कही। इसके बाद सीबीआई अधिकारी बनकर फोन किया गया और उन्हें डिजिटल अरेस्ट करने की धमकी दी गई।

बुजुर्ग होने के कारण प्रार्थी आरोपियों की बातों से डर गए। ठगों ने इसी डर का फायदा उठाकर पुलिस से सेटिंग कराने के नाम पर उनसे 32 लाख रुपए ठग लिए। आरोपियों ने अलग-अलग मोबाइल नंबरों से पुलिस, सीबीआई और टेलीकॉम अथॉरिटी के अधिकारी बनकर संपर्क किया था। बाद में सभी मोबाइल नंबर बंद हो जाने पर पीड़ित को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने परिजनों को जानकारी दी। इसके बाद अपराध क्रमांक 649/2025 के तहत बीएनएस की धारा 318(4), 3(5) और आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत मामला दर्ज किया गया।

विवेचना के दौरान पुलिस ने ठगी की रकम जिन बैंक खातों में ट्रांसफर हुई थी, उनकी जानकारी जुटाई। जांच में स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक के खाते में रकम जमा होने का पता चला। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम इंदौर पहुंची, जहां से सौम्य जैसवार (21 वर्ष), निवासी प्रजापत नगर और देवराज अमकरे (24 वर्ष), निवासी गुरु शंकर नगर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपराध स्वीकार किया। आरोपियों ने अपने बैंक खातों में ठगी की रकम प्राप्त करना बताया। उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त मोबाइल फोन, बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज, आधार कार्ड और पैन कार्ड जब्त किए गए। पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर दोनों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया।

डिजिटल अरेस्ट के नाम पर ठगी से रहें सावधान

जांजगीर-चांपा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि कानून में डिजिटल अरेस्ट जैसी कोई प्रक्रिया नहीं है। पुलिस या सीबीआई किसी भी व्यक्ति को फोन या वीडियो कॉल के माध्यम से डिजिटल अरेस्ट नहीं करती। यदि कोई व्यक्ति मनी लॉन्ड्रिंग, ड्रग्स सप्लाई या अन्य अपराधों में फंसाने की धमकी देकर गिरफ्तारी से बचाने के नाम पर पैसे मांगता है, तो उसकी बातों में न आएं। ऐसे कॉल साइबर ठगी का हिस्सा हो सकते हैं। सतर्क रहें और साइबर अपराध से बचें।

इस कार्रवाई में निरीक्षक भास्कर शर्मा, पीएसआई रुकसाना बानो, प्रधान आरक्षक मनोज तिग्गा, हेड कांस्टेबल विवेक सिंह और गिरीश कश्यप का महत्वपूर्ण योगदान रहा।

ख़बर शेयर करें:

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *