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खैरागढ़ संगीत विश्वविद्यालय में छात्रों का आंदोलन, कुलपति हटाने की मांग के साथ मुख्य द्वार पर धरना

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खैरागढ़, 08 अक्टूबर। एशिया के पहले संगीत एवं कला विश्वविद्यालय के रूप में पहचान रखने वाले राजकुमारी इंदिरा कला एवं संगीत विश्वविद्यालय में गुरुवार को बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने विभिन्न मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। संगीत संकाय से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार तक पहुंच गया, जहां विद्यार्थियों ने धरना देकर विश्वविद्यालय प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। छात्रों ने ‘कुलपति हटाओ, विश्वविद्यालय बचाओ’ और ‘एक समोसा दो, चाय कुलपति हाय-हाय’ जैसे नारे लगाए।

प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि वे लंबे समय से अपनी समस्याओं और मांगों को विश्वविद्यालय प्रबंधन के सामने रखते आ रहे हैं, लेकिन अपेक्षित समाधान नहीं होने के कारण उन्हें आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ा। छात्रों ने संगीत संकाय में वाद्य यंत्रों की कमी को प्रमुख मुद्दा बताया। उनका कहना है कि संगीत की पढ़ाई और नियमित अभ्यास के लिए पर्याप्त वाद्य यंत्र एवं अन्य जरूरी संसाधन उपलब्ध नहीं होने से उनकी शिक्षा प्रभावित हो रही है।

विद्यार्थियों ने राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाले विभिन्न सांस्कृतिक एवं संगीत कार्यक्रमों में संगीत संकाय के छात्रों को पर्याप्त अवसर नहीं मिलने का भी आरोप लगाया। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय में पढ़ने वाले प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अपनी कला का प्रदर्शन करने के लिए बेहतर मंच और अवसर मिलना चाहिए।

आंदोलन के दौरान संगीत संकाय के अधिष्ठाता की नियुक्ति को लेकर भी छात्रों ने सवाल उठाए। प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों के अनुसार, पहले अधिष्ठाता नमन दत्त को हटाकर मानस साहू को जिम्मेदारी दी गई है। छात्रों का दावा है कि मानस साहू को संगीत विषय की पर्याप्त जानकारी नहीं है। हालांकि, यह छात्रों द्वारा लगाए गए आरोप हैं और इस मामले में विश्वविद्यालय प्रबंधन का पक्ष सामने आना बाकी है।

छात्रों ने रिजल्ट और विश्वविद्यालय से जुड़े अन्य दस्तावेजों में गड़बड़ी का आरोप भी लगाया। विद्यार्थियों का कहना है कि रिजल्ट अथवा दस्तावेजों में सुधार के लिए उन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ता है और सुधार के नाम पर पैसे की मांग किए जाने की शिकायत भी सामने आई है। छात्रों के मुताबिक, इन समस्याओं को लेकर कई दिनों से विश्वविद्यालय प्रबंधन से शिकायत की जा रही थी, लेकिन ठोस कार्रवाई नहीं होने के कारण आंदोलन करना पड़ा।

छात्रों के प्रदर्शन की जानकारी मिलने के बाद विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार वेंकट आर. गुड़े और संगीत संकाय के अधिष्ठाता मानस साहू मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत की और उनकी मांगों को लिखित रूप में देने को कहा। इसके बावजूद छात्र मुख्य द्वार पर धरने पर बैठे रहे और अपनी मांगों के समाधान की मांग करते रहे।

इसी दौरान संगीत संकाय के प्रोफेसर दिवाकर कश्यप की अचानक तबीयत बिगड़ गई। इसके बाद मौके पर माहौल और गरमा गया तथा छात्रों का विरोध प्रदर्शन और तेज हो गया। फिलहाल छात्र अपनी मांगों पर कायम हैं और विश्वविद्यालय प्रबंधन से समस्याओं के जल्द समाधान की मांग कर रहे हैं। मामले में विश्वविद्यालय प्रबंधन की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार है।

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