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कोरबा-रायपुर पैसेंजर ट्रेन साढ़े 3 घंटे लेट, 89 किमी का सफर साढ़े 5 घंटे में भी नहीं हुआ पूरा, बिलासपुर आउटर पर खड़ी रही ट्रेन, यात्रियों में भारी नाराजगी

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कोरबा, 12 अक्टूबर 2026। कोरबा से रायपुर जाने वाली पैसेंजर ट्रेन के लगातार विलंब से संचालन के कारण यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। सोमवार को ट्रेन संख्या 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर अपने निर्धारित समय से करीब साढ़े तीन घंटे विलंब से चल रही है। स्थिति यह रही कि कोरबा से बिलासपुर के बीच महज 89 किलोमीटर की दूरी तय करने में ट्रेन साढ़े पांच घंटे बाद भी बिलासपुर स्टेशन नहीं पहुंच सकी। ट्रेन को बिलासपुर रेलवे स्टेशन से पहले आउटर पर करीब आधे घंटे तक रोककर रखा गया, जिससे यात्रियों का गुस्सा फूट पड़ा। परेशान यात्रियों ने रेलवे प्रशासन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए जमकर कोसा।

जानकारी के अनुसार, कोरबा से रायपुर के लिए प्रतिदिन संचालित होने वाली ट्रेन संख्या 58203 कोरबा-रायपुर पैसेंजर सुबह 8:15 बजे कोरबा रेलवे स्टेशन से रवाना होती है। इस ट्रेन का बिलासपुर पहुंचने का निर्धारित समय सुबह 10:15 बजे है। सामान्य परिस्थितियों में यह ट्रेन कोरबा से बिलासपुर तक लगभग दो घंटे में पहुंच जाती है, लेकिन सोमवार को यात्रियों के लिए यह सफर परेशानी का सबब बन गया। दोपहर 1:35 बजे तक ट्रेन बिलासपुर रेलवे स्टेशन नहीं पहुंच सकी थी। इस तरह महज 89 किलोमीटर की यात्रा साढ़े पांच घंटे बाद भी पूरी नहीं हो पाई और ट्रेन निर्धारित समय से लगभग साढ़े तीन घंटे विलंबित हो गई।

बताया जा रहा है कि मालगाड़ियों के परिचालन और समय पर रैक उपलब्ध नहीं होने के कारण इस पैसेंजर ट्रेन का संचालन प्रभावित हो रहा है। सोमवार को भी ट्रेन के अत्यधिक विलंब से चलने के पीछे यही वजह बताई जा रही है। हालांकि, विलंब के वास्तविक कारणों को लेकर रेलवे प्रशासन की ओर से आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आई है।

यात्रियों की परेशानी उस समय और बढ़ गई, जब पहले से विलंब से चल रही ट्रेन को बिलासपुर रेलवे स्टेशन पहुंचने से ठीक पहले आउटर पर रोक दिया गया। करीब आधे घंटे तक ट्रेन आउटर पर खड़ी रही। इससे यात्रियों में भारी नाराजगी देखी गई। यात्रियों का कहना था कि पहले ही ट्रेन घंटों की देरी से चल रही थी, इसके बावजूद स्टेशन के नजदीक पहुंचने के बाद भी उसे रोक दिया गया। इससे यात्रियों को मानसिक परेशानी के साथ समय की भी भारी बर्बादी झेलनी पड़ी।

यात्रियों के मुताबिक, कोरबा-रायपुर पैसेंजर ट्रेन का विलंब से चलना अब आम समस्या बनती जा रही है। आरोप है कि यह ट्रेन आए दिन दो से ढाई घंटे तक देरी से चलती है। नियमित यात्रियों को इस समस्या का सबसे अधिक खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। ट्रेन के निर्धारित समय पर नहीं पहुंचने के कारण यात्रियों के जरूरी काम, आगे की रेल यात्राएं और पूर्व निर्धारित कार्यक्रम प्रभावित हो रहे हैं।

कोरबा से बिलासपुर और रायपुर जाने वाले बड़ी संख्या में यात्री इस पैसेंजर ट्रेन पर निर्भर रहते हैं। इनमें नौकरीपेशा लोग, विद्यार्थी, छोटे व्यापारी और विभिन्न जरूरी कार्यों से यात्रा करने वाले लोग शामिल हैं। ऐसे यात्रियों के लिए ट्रेन का समय पर संचालन बेहद महत्वपूर्ण है। लेकिन लगातार विलंब की स्थिति ने उनकी परेशानी बढ़ा दी है। विशेष रूप से बिलासपुर से दूसरी ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को कनेक्टिंग ट्रेन छूटने की चिंता सताती रहती है।

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यात्रियों ने सवाल उठाया कि जब कोरबा से बिलासपुर की दूरी महज 89 किलोमीटर है और इसे तय करने में सामान्यतः दो घंटे लगते हैं, तो आखिर ऐसी क्या वजह है कि ट्रेन को यह दूरी तय करने में पांच से छह घंटे तक लग रहे हैं। यात्रियों का कहना है कि रेलवे को मालगाड़ियों के संचालन के साथ यात्री ट्रेनों की समयबद्धता पर भी गंभीरता से ध्यान देना चाहिए।

लगातार विलंब के कारण यात्रियों में रेलवे प्रशासन के प्रति असंतोष बढ़ रहा है। यात्रियों ने मांग की है कि कोरबा-रायपुर पैसेंजर ट्रेन को निर्धारित समय पर चलाने के लिए ठोस व्यवस्था की जाए। साथ ही रैक की उपलब्धता और परिचालन संबंधी समस्याओं का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि प्रतिदिन यात्रा करने वाले लोगों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिल सके।

फिलहाल सोमवार को ट्रेन के साढ़े तीन घंटे विलंब से चलने और बिलासपुर आउटर पर लंबे समय तक खड़े रहने की घटना ने एक बार फिर रेलवे की यात्री सुविधाओं और ट्रेनों के समयबद्ध संचालन पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि यदि यही स्थिति बनी रही तो कोरबा से बिलासपुर और रायपुर के बीच रेल यात्रा करने वाले लोगों की परेशानियां और बढ़ेंगी। रेलवे प्रशासन को इस समस्या पर तत्काल ध्यान देने की जरूरत है।

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