कोरबा। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर कोरबा जिला जेल में भी आस्था और भक्ति का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। जेल की चारदीवारी के भीतर बंद 21 बंदियों ने मां दुर्गा की आराधना के लिए नवरात्रि का उपवास रखा है। इनमें 18 पुरुष और 3 महिला बंदी शामिल हैं। बंदियों की धार्मिक आस्था का सम्मान करते हुए जेल प्रशासन ने चिकित्सकीय परीक्षण के बाद उन्हें उपवास रखने की अनुमति दी है। इस दौरान बंदियों के स्वास्थ्य और आवश्यक व्यवस्थाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है।
जानकारी के अनुसार, शारदीय नवरात्रि की शुरुआत के साथ ही जिला जेल में निरुद्ध कुछ बंदियों ने माता रानी की आराधना के लिए उपवास रखने की इच्छा जताई थी। बंदियों ने जेल प्रबंधन के समक्ष अपनी धार्मिक भावनाएं व्यक्त करते हुए व्रत रखने की अनुमति मांगी। जेल प्रशासन ने उनकी मांग पर विचार करते हुए सबसे पहले चिकित्सकीय परीक्षण कराने का निर्णय लिया, ताकि उपवास के दौरान किसी बंदी को स्वास्थ्य संबंधी परेशानी का सामना न करना पड़े।
जेल के चिकित्सक द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किए जाने के बाद सभी 21 बंदियों की स्थिति संतोषजनक पाई गई। इसके बाद जेल प्रशासन ने उन्हें नवरात्रि का उपवास रखने की अनुमति प्रदान की। उपवास रखने वाले बंदियों की सेहत पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।
जिला जेल कोरबा के जेलर अभिमतेश साह ने बताया कि वर्तमान में जेल के 21 बंदी नवरात्रि का व्रत रखकर मां दुर्गा की उपासना कर रहे हैं। इनमें 18 पुरुष और 3 महिला बंदी शामिल हैं। जेल प्रशासन की ओर से सभी बंदियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जा रहा है।
नवरात्रि के चलते जिला जेल परिसर में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है। बंदी मां दुर्गा की आराधना और भजन-कीर्तन के माध्यम से अपनी श्रद्धा व्यक्त कर रहे हैं। जेल की सलाखों के पीछे भी माता रानी के प्रति बंदियों की आस्था देखने को मिल रही है। धार्मिक गतिविधियों के माध्यम से बंदियों में सकारात्मक सोच, अनुशासन और मानसिक शांति को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है।
जेल प्रशासन का कहना है कि बंदियों की धार्मिक स्वतंत्रता और भावनाओं का सम्मान करने के साथ ही उनके स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है। उपवास के दौरान किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी समस्या उत्पन्न न हो, इसके लिए आवश्यक सतर्कता बरती जा रही है।
उल्लेखनीय है कि जेलों में बंदियों के सुधार और पुनर्वास की दिशा में धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों की महत्वपूर्ण भूमिका मानी जाती है। ऐसी गतिविधियां बंदियों को आत्मचिंतन और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित कर सकती हैं। कोरबा जिला जेल में नवरात्रि के अवसर पर 21 बंदियों द्वारा रखा गया उपवास इसी आस्था और आत्मचिंतन की भावना को दर्शाता है।
जेल की चारदीवारी के भीतर मां दुर्गा की आराधना में लीन बंदियों की यह पहल बताती है कि श्रद्धा और विश्वास किसी सीमा के मोहताज नहीं होते। नवरात्रि के इस पावन अवसर पर कोरबा जिला जेल में भक्ति के साथ सकारात्मक बदलाव का संदेश भी देखने को मिल रहा है।







