‘Bakrid पर सोसाइटी में जानवरों की बिना इजाजत कुर्बानी नहीं होनी चाहिए’, बॉम्बे HC का BMC को अहम निर्देश

Bombay HC on Bakrid Animal Sacrifice दक्षिण मुंबई की एक आवासीय कॉलोनी में जानवरों की अवैध रूप से कुर्बानी को लेकर मचे बवाल पर बॉम्बे हाई कोर्ट ने एक अहम फैसला सुनाया है। कोर्ट ने बृहन्मुंबई नगर निगम (बीएमसी) को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि बकरीद त्योहार के दौरान किसी जानवर का अवैध वध न हो।

नगर निकाय का लाइसेंस जरूरी

एक विशेष तत्काल सुनवाई में न्यायमूर्ति जीएस कुलकर्णी और न्यायमूर्ति जितेंद्र जैन की खंडपीठ (Bombay HC instructed BMC) ने कहा कि नैथानी हाइट्स सोसायटी में जानवरों की कुर्बानी की अनुमति केवल तभी दी जा सकती है, जब नगर निकाय द्वारा लाइसेंस दिया गया हो। अदालत ने कहा,

यदि नगर निगम ने उक्त स्थान पर जानवरों की कुर्बानी के लिए लाइसेंस जारी नहीं किया है, तो नगर निगम के अधिकारी पुलिस कर्मियों की सहायता से प्रस्तावित जानवरों के वध को रोकने के लिए कानून के अनुसार उचित कार्रवाई करेंगे।

सोसायटी के निवासी ने दायर की थी याचिका

हाई कोर्ट की पीठ सोसायटी के निवासी हरेश जैन की याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें वहां जानवरों के वध पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की गई थी। बीएमसी की ओर से पेश वकील जोएल कार्लोस ने कहा कि पूर्ण प्रतिबंध जारी नहीं किया जा सकता। 

उल्लंघन पर होगी उचित कार्रवाई 

कार्लोस ने कहा कि नगर निकाय के अधिकारी सोसायटी परिसर का निरीक्षण करेंगे और यदि कोई उल्लंघन होता है तो उचित कार्रवाई की जाएगी। पीठ ने अपने आदेश में कहा कि यदि कोई कार्रवाई करने की आवश्यकता है तो संबंधित पुलिस स्टेशन नगर निगम के अधिकारियों को उचित पुलिस सहायता प्रदान करेगा।