रायपुर,12 सितंबर। शहर में ऑनलाइन डिलीवरी सेवाओं के दौरान सड़क सुरक्षा और आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर यातायात पुलिस कमिश्नरेट रायपुर ने डिलीवरी कंपनियों के संचालकों और मैनेजरों की बैठक ली। पुलिस उपायुक्त यातायात एवं प्रोटोकॉल डॉ. अर्चना झा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में फ्लिपकार्ट, ब्लू डार्ट, डिलीवरी डॉट कॉम, ब्लिंकिट सहित विभिन्न ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों के प्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक में डिलीवरी एजेंटों द्वारा यातायात नियमों के पालन, कर्मचारियों के पुलिस चरित्र सत्यापन और डिलीवरी की समय सीमा को लेकर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।
बैठक में अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात राम कुमार बर्मन, सहायक पुलिस आयुक्त यातायात सतीश ठाकुर और सहायक पुलिस आयुक्त यातायात रमेश येरेवार भी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने कंपनियों के प्रतिनिधियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि उनके यहां कार्यरत सभी डिलीवरी एजेंट सड़क पर सुरक्षित और जिम्मेदारी के साथ वाहन चलाएं तथा यातायात नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करें।
यातायात पुलिस ने डिलीवरी एजेंटों के लिए हेलमेट का उपयोग अनिवार्य रूप से करने, गलत दिशा में वाहन नहीं चलाने और ओवरस्पीडिंग से बचने के निर्देश दिए। इसके साथ ही वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करने तथा किसी भी अन्य तरीके से यातायात नियमों का उल्लंघन नहीं करने की सख्त हिदायत दी गई। पुलिस ने कहा कि डिलीवरी के दौरान जल्दबाजी सड़क दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन सकती है, इसलिए एजेंटों को सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रेरित करना कंपनियों की भी जिम्मेदारी है।
बैठक में नागरिकों की सुरक्षा और डिलीवरी सेवाओं के प्रति विश्वास बनाए रखने के लिए सभी डिलीवरी कर्मियों का पुलिस चरित्र सत्यापन कराने पर भी जोर दिया गया। कंपनियों को अपने यहां कार्यरत डिलीवरी एजेंटों का आवश्यक पुलिस सत्यापन कराने के निर्देश दिए गए, ताकि ग्राहकों के घर तक पहुंचने वाले कर्मचारियों की पहचान और पृष्ठभूमि को लेकर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की जा सके।
यातायात पुलिस ने ऑनलाइन डिलीवरी कंपनियों को सबसे महत्वपूर्ण निर्देश डिलीवरी की तय समय सीमा को लेकर दिया। कंपनियों को समझाइश दी गई कि डिलीवरी बॉय पर 10 से 15 मिनट जैसी बेहद कम समय सीमा में डिलीवरी पूरी करने का दबाव नहीं बनाया जाए। अधिकारियों ने कहा कि समय पर डिलीवरी पूरी करने के दबाव में कर्मचारी कई बार तेज गति से वाहन चलाते हैं या यातायात नियमों की अनदेखी करते हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है और डिलीवरी एजेंट के साथ-साथ दूसरे वाहन चालकों और राहगीरों की जान भी खतरे में पड़ सकती है।
यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले या लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाने वाले डिलीवरी एजेंटों के खिलाफ संबंधित कंपनियों को अपने स्तर पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कंपनियों से कहा गया कि वे अपने कर्मचारियों को समय-समय पर सड़क सुरक्षा, सुरक्षित वाहन चालन और यातायात नियमों के प्रति जागरूक करते रहें।
यातायात कमिश्नरेट रायपुर ने डिलीवरी कंपनियों से सड़क सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की अपील की है। पुलिस ने कहा कि ऑनलाइन डिलीवरी सेवाएं शहर की रोजमर्रा की जरूरतों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी हैं, ऐसे में इन सेवाओं की गति के साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी जरूरी है। कंपनियों को अपने सभी डिलीवरी कर्मचारियों को यातायात नियमों का पालन करने के लिए प्रेरित और निर्देशित करने को कहा गया है।
आम नागरिकों से भी यातायात पुलिस ने सहयोग की अपील की है। पुलिस ने कहा कि ऑनलाइन ऑर्डर प्राप्त करते समय ग्राहक डिलीवरी एजेंट पर जल्दबाजी में सामान पहुंचाने का दबाव न बनाएं। डिलीवरी कर्मचारी सड़क पर सुरक्षित तरीके से वाहन चलाते हुए पहुंचे, इसके लिए उन्हें पर्याप्त समय दिया जाना चाहिए। यातायात कमिश्नरेट ने नागरिकों से सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने और शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है।







