अंबिकापुर, 19 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर में शराब के नशे में सड़क पर पड़े मिले पुलिसकर्मियों के मामले में बड़ी कार्रवाई हुई है। दुर्ग जिले से कैदी को अंबिकापुर जेल शिफ्ट करने पहुंचे पुलिसकर्मियों की लापरवाही सामने आने के बाद एसएसपी विजय अग्रवाल ने दोनों को लाइन हाजिर कर दिया है। इस मामले को हरिभूमि डॉट कॉम ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था, जिसके बाद पुलिस विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई की।
जानकारी के अनुसार, दुर्ग जिले में पदस्थ एक सहायक उपनिरीक्षक (ASI) और आरक्षक एक कैदी को अंबिकापुर जेल में शिफ्ट करने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान दोनों पुलिसकर्मी प्रतीक्षा बस स्टैंड के पास कथित तौर पर शराब के नशे में सड़क पर पड़े मिले। घटना ने उस समय और गंभीर रूप ले लिया, जब उनकी INSAS राइफल भी लावारिस हालत में पड़ी मिली। पुलिसकर्मियों की इस लापरवाही से आसपास मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया।
स्थानीय लोगों ने दोनों पुलिसकर्मियों की हालत और लावारिस पड़े हथियार को देखकर तत्काल बस स्टैंड चौकी पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और INSAS राइफल को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित किया। इस घटना ने पुलिस विभाग की सुरक्षा व्यवस्था, अनुशासन और हथियारों की जिम्मेदारी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
मामला सामने आने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी संज्ञान लिया। हरिभूमि डॉट कॉम में खबर प्रकाशित होने के बाद एसएसपी विजय अग्रवाल ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उन्हें लाइन हाजिर कर दिया। ड्यूटी के दौरान कथित रूप से शराब के नशे में मिलने और सरकारी हथियार को असुरक्षित छोड़ने की घटना को गंभीर लापरवाही माना जा रहा है।
गौरतलब है कि कैदी को एक जेल से दूसरी जेल ले जाने के दौरान सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी संबंधित पुलिसकर्मियों पर होती है। ऐसे में पुलिसकर्मियों का कथित तौर पर नशे की हालत में मिलना और INSAS जैसी संवेदनशील राइफल को लावारिस छोड़ देना सुरक्षा के लिहाज से गंभीर मामला है। इस घटना के बाद पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली और ड्यूटी के दौरान अनुशासन को लेकर सवाल उठ रहे हैं।







