कोरबा,19 अक्टूबर 2026। कोल इंडिया लिमिटेड (CIL) ने अपने कर्मचारियों, उनके आश्रितों, सेवानिवृत्त कर्मचारियों और उनके जीवनसाथियों के लिए स्वास्थ्य सुविधाओं को अधिक सुलभ बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है। कंपनी ने कैशलेस इलाज की सुविधा देने वाले अस्पतालों की संख्या 38 से बढ़ाकर 49 कर दी है। इस निर्णय से पात्र लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में भर्ती होकर उपचार कराने के दौरान निर्धारित शर्तों के अनुसार अग्रिम जमा राशि (डिपॉजिट) जमा करने की आवश्यकता नहीं होगी। इस व्यवस्था से विशेष रूप से गंभीर बीमारियों से पीड़ित मरीजों और उनके परिजनों को आर्थिक व्यवस्था करने के दबाव से राहत मिलने की उम्मीद है।
कोल इंडिया मुख्यालय ने कैशलेस उपचार की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाने के लिए रेफरल ऑर्डर और कैशलेस अनुमति पत्र जारी करने संबंधी मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) लागू की है। इसी एसओपी के आधार पर सूचीबद्ध अस्पतालों में पात्र हितग्राहियों को कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। निर्धारित प्रक्रिया के तहत उपचार के लिए आवश्यक रेफरल और अनुमति पत्र जारी किए जाएंगे, जबकि संबंधित मेडिकल बिलों का भुगतान कोल इंडिया मुख्यालय द्वारा किया जाएगा।

कोल इंडिया अपने कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मियों को देशभर में लगभग 300 सूचीबद्ध अस्पतालों के माध्यम से चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराती है। इनमें विभिन्न प्रकार की बीमारियों के उपचार के लिए अस्पताल शामिल हैं। नई व्यवस्था के तहत कैशलेस इलाज की सूची में कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का उपचार करने वाले अस्पतालों को भी शामिल किया गया है। इससे ऐसे मरीजों को उपचार के दौरान तत्काल बड़ी रकम जमा करने की चिंता से राहत मिल सकती है। हालांकि, इस सुविधा का लाभ निर्धारित पात्रता, रेफरल और अनुमति संबंधी नियमों के अनुसार ही मिलेगा।
कैशलेस उपचार पर होने वाले खर्च का भुगतान केंद्रीय सरकारी स्वास्थ्य योजना (सीजीएचएस) की निर्धारित पैकेज दरों और कोल इंडिया तथा संबंधित अस्पतालों के बीच हुए समझौते की शर्तों के अनुसार किया जाएगा। जारी किया जाने वाला कैशलेस अनुमति पत्र एक बार अस्पताल में भर्ती होकर उपचार कराने के लिए मान्य होगा। इसलिए लाभार्थियों को प्रत्येक उपचार के लिए लागू प्रक्रिया और अनुमति की शर्तों का ध्यान रखना होगा।
रेफरल ऑर्डर और कैशलेस अनुमति पत्र जारी करने की प्रक्रिया को डिजिटल माध्यम से संचालित किया जाएगा। इससे संबंधित सभी संदेश और दस्तावेज निर्धारित ई-मेल आईडी के माध्यम से संबंधित सहायक कंपनी तक भेजे जाएंगे। अधिकारियों और कर्मचारियों को नई एसओपी के अनुरूप प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि पात्र लाभार्थियों को समय पर चिकित्सा सुविधा मिल सके।
कोल इंडिया के चिकित्सा विभाग के प्रमुख डॉ. सोमसुभ्रो गुप्ता ने नई एसओपी के तहत लाभार्थियों को समय पर सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। कैशलेस अस्पतालों की संख्या में वृद्धि और अनुमति प्रक्रिया को व्यवस्थित करने की पहल से कोयला कर्मचारियों तथा पेंशनभोगियों के लिए चिकित्सा सुविधाओं का लाभ लेना अधिक सुविधाजनक हो सकता है।






