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Korba News: शारदीय नवरात्रि में शक्ति आराधना में डूबा सलिहाभांठा, सप्तमी पर मां कालरात्रि की महाआरती में उमड़ा आस्था का सैलाब

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कोरबा, 18 अक्टूबर। शारदीय नवरात्रि के पावन अवसर पर जिले के ग्रामीण अंचलों में भी मां दुर्गा की भक्ति और आराधना का उत्साह चरम पर है। करतला विकासखंड के ग्राम पंचायत सलिहाभांठा में सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति द्वारा आयोजित दुर्गा पूजा महोत्सव में श्रद्धा, भक्ति और उल्लास का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। नवरात्रि की सप्तमी तिथि पर मां दुर्गा के सातवें स्वरूप मां कालरात्रि की महाआरती में श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। वहीं, मादर की थाप और भक्तिमय जसगीतों के बीच बच्चों, महिलाओं और युवतियों ने गरबा नृत्य के माध्यम से माता रानी की आराधना की।

ग्राम पंचायत सलिहाभांठा में सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति द्वारा नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा है। बरपाली के आचार्य सुनील कुमार पांडेय द्वारा विधि-विधान एवं वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां दुर्गा की पूजा-अर्चना और आरती संपन्न कराई जा रही है। प्रतिदिन शाम को आयोजित आरती में बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालु शामिल होकर माता रानी का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।

विशेष रूप से नन्हीं बच्चियां, माताएं और बहनें सजी हुई आरती की थाल लेकर श्रद्धापूर्वक मां जगदम्बा की आराधना कर रही हैं। संध्या आरती के बाद श्रद्धालुओं द्वारा भोग-प्रसाद का वितरण किया जा रहा है। इस दौरान पूरा गांव भक्तिमय वातावरण में सराबोर नजर आ रहा है।

नवरात्रि की सप्तमी तिथि पर आयोजित विशेष महाआरती में आस्था और उत्साह का अनूठा संगम देखने को मिला। मां कालरात्रि की आराधना के लिए बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हुए। महाआरती और पारंपरिक जसगीतों से पूरा वातावरण देवीमय हो गया। इसके बाद बच्चों, महिलाओं और युवतियों ने मादर की थाप पर गरबा नृत्य प्रस्तुत कर मां दुर्गा की स्तुति की। गरबा में शामिल श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बन रहा था।

गुजरात की पारंपरिक गरबा संस्कृति अब छत्तीसगढ़ के शहरी क्षेत्रों के साथ ग्रामीण अंचलों में भी अपनी विशेष पहचान बना रही है। कोरबा जिले के सलिहाभांठा गांव में भी गरबा नृत्य के माध्यम से देवी आराधना की परंपरा उत्साहपूर्वक निभाई जा रही है। पारंपरिक जसगीत और गरबा का यह अनूठा संगम ग्रामीण संस्कृति के साथ धार्मिक आस्था को भी मजबूत कर रहा है।

सार्वजनिक दुर्गोत्सव समिति के आयोजन में समस्त ग्रामवासियों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। नवरात्रि के दौरान प्रतिदिन पूजा-अर्चना, संध्या आरती, जसगीत और भोग-प्रसाद वितरण से गांव में भक्तिमय माहौल बना हुआ है। मां दुर्गा के प्रति श्रद्धालुओं की अटूट आस्था और सामूहिक सहभागिता ने सलिहाभांठा के दुर्गोत्सव को विशेष बना दिया है।

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