रायपुर, 10 सितंबर 2026। छत्तीसगढ़ में शराब की निर्धारित कीमत से अधिक दर पर बिक्री और अवैध शराब निर्माण के खिलाफ आबकारी विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता की जांच में महासमुंद और कांकेर जिलों में गंभीर अनियमितताएं सामने आने के बाद तीन आबकारी अधिकारियों को निलंबित किया गया है। वहीं, महासमुंद में अधिक कीमत पर शराब बेचने वाले दो विक्रेताओं के खिलाफ भी आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है।
महासमुंद जिले की कम्पोजिट मदिरा दुकान तुमा डबरी (बेमचा) में निर्धारित दर से अधिक कीमत पर शराब बिक्री का मामला सामने आया। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता टीम ने 7 सितंबर 2026 को दुकान का आकस्मिक निरीक्षण किया। छद्म ग्राहक के जरिए किए गए सत्यापन में विदेशी मदिरा बैगपाइपर व्हिस्की का एक पाव, जिसकी शासन द्वारा निर्धारित बिक्री कीमत 190 रुपये थी, उसे 200 रुपये में बेचते हुए पाया गया।
पहले परीक्षण में विक्रयकर्ता दिनेश्वर ध्रुव ने 190 रुपये की शराब 200 रुपये में बेची। इसके बाद दोबारा खरीद परीक्षण में विक्रयकर्ता गुलाब डहरिया ने भी इसी शराब के लिए 200 रुपये वसूले। इस तरह दो पाव शराब की निर्धारित कीमत 380 रुपये थी, लेकिन ग्राहकों से 400 रुपये लिए गए। यानी कुल 20 रुपये अधिक वसूले गए।
दोनों विक्रयकर्ताओं के खिलाफ छत्तीसगढ़ आबकारी अधिनियम की धारा 39 (ग) के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। मामले को संबंधित क्षेत्र में प्रभावी निगरानी की कमी और शिथिल नियंत्रण का गंभीर मामला मानते हुए महासमुंद के आबकारी उप निरीक्षक एवं मदिरा दुकान प्रभारी नितेश सिंह बैस को निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय कार्यालय उपायुक्त आबकारी, संभागीय उड़नदस्ता दुर्ग संभाग निर्धारित किया गया है।
इधर, कांकेर जिले के भानुप्रतापपुर क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण से जुड़ी बड़ी मात्रा में सामग्री बरामद होने के बाद आबकारी विभाग ने दो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की है। ग्राम बसंत नगर (नारायणपुर) में पुलिस की छापामार कार्रवाई के दौरान एक सूने/बंद किराए के मकान से शराब निर्माण और पैकेजिंग से जुड़ी सामग्री मिली।
कार्रवाई में 4409 खाली शराब की बोतल/पौवा, 105 पत्ता स्टीकर एवं होलोग्राम और 3380 ढक्कन बरामद किए गए। इसके अलावा 30 नग पौवा जम्मू स्पेशल व्हिस्की, जिसमें कुल 5.400 लीटर शराब थी, भी जब्त की गई। इसकी कीमत 3600 रुपये बताई गई है। विभिन्न ब्रांड के स्टीकर और होलोग्राम की कीमत 59,645 रुपये तथा खाली बोतल/पौवा की कीमत 22,045 रुपये बताई गई है।
यह मामला भानुप्रतापपुर की आबकारी उप निरीक्षक, मदिरा दुकान प्रभारी एवं वृत्त प्रभारी रानू मरकाम के प्रभार क्षेत्र से जुड़ा था। गंभीर अनियमितता को कर्तव्य के प्रति घोर लापरवाही और शिथिल नियंत्रण मानते हुए उन्हें छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियम, 1966 के नियम 9 (1) के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय कांकेर रहेगा।
इसी मामले में सहायक जिला आबकारी अधिकारी एवं प्रभारी जिला आबकारी अधिकारी कार्यालय कांकेर मधुकर श्याम हरित को भी प्रथम दृष्टया गंभीर लापरवाही, प्रभावी पर्यवेक्षण की कमी और सतत निगरानी के अभाव के चलते निलंबित किया गया है। उनका निलंबन मुख्यालय आबकारी आयुक्त, छत्तीसगढ़, नवा रायपुर अटल नगर निर्धारित किया गया है।
महासमुंद के ओवररेटिंग मामले में विभाग ने अन्य अधिकारियों की जवाबदेही भी तय की है। सहायक जिला आबकारी अधिकारी दीपक ठाकुर और अजय कुमार पाण्डेय को कारण बताओ नोटिस जारी कर सात दिनों के भीतर जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। निर्धारित अवधि में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर एकपक्षीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
आबकारी विभाग ने स्पष्ट किया है कि शराब की निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री, अवैध शराब निर्माण और निगरानी में लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। राज्य स्तरीय उड़नदस्ता और मैदानी अमले के जरिए मदिरा दुकानों की जांच और निगरानी को आगे और सख्त किया जाएगा।







