कोरबा, 17 अक्टूबर 2026। कोरबा जिले में किसानों ने पहली बार उन्नत किस्म के टीसीआर विक्रम धान की खेती की है। करीब 200 हेक्टेयर क्षेत्र में की जा रही इस खेती से किसानों को बेहतर उत्पादन की उम्मीद है। लगभग 120 दिनों में तैयार होने वाली इस फसल की कटाई दशहरा के बाद शुरू होने की संभावना है। खेतों में धान की बालियों का विकास देखकर किसान उत्साहित हैं और अब उन्हें फसल की वास्तविक पैदावार का इंतजार है।
शहर से लगे खरमोरा गांव के किसान जगत राम कुशवाहा ने बताया कि खेतों में धान की बालियां अच्छी तरह विकसित हुई हैं। फसल की मौजूदा स्थिति को देखकर इस बार अच्छी पैदावार होने की उम्मीद है। जिले में इस किस्म की खेती किसानों के लिए नया प्रयोग है। इसके परिणाम सामने आने के बाद इसकी उपयोगिता और उत्पादन क्षमता का बेहतर आकलन किया जा सकेगा।
ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी संजय पटेल ने बताया कि टीसीआर विक्रम धान की किस्म को इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, रायपुर ने विकसित किया है। इस किस्म की प्रमुख विशेषताओं में कम समय में फसल का तैयार होना और प्रतिकूल परिस्थितियों में बेहतर प्रदर्शन की संभावना शामिल है। कृषि अनुसंधान के अनुसार, यह धान लगभग 118 से 123 दिनों में पककर तैयार हो सकता है। इसकी पौध अपेक्षाकृत कम ऊंचाई वाली होती है, जिससे तेज हवा और बारिश के दौरान फसल के गिरने का जोखिम कम हो सकता है। यह किस्म सूखे की स्थिति के प्रति भी सहनशील मानी जाती है।
इस धान की खेती में अपेक्षाकृत कम लागत आने की संभावना भी किसानों के लिए महत्वपूर्ण है। हालांकि, वास्तविक उत्पादन मिट्टी की गुणवत्ता, सिंचाई, मौसम और कृषि प्रबंधन पर निर्भर करेगा।
कृषि विभाग को उम्मीद है कि यदि इस प्रयोग से संतोषजनक परिणाम मिलते हैं, तो आने वाले वर्षों में जिले में टीसीआर विक्रम धान की खेती का रकबा बढ़ सकता है। इससे किसानों को उन्नत किस्म अपनाने और उत्पादन बढ़ाने का एक नया विकल्प मिल सकेगा। अब किसानों की नजर फसल की कटाई और वास्तविक उपज पर टिकी है।







