रायपुर। छत्तीसगढ़ में सीएम हेल्पलाइन 1076 के जरिए मिलने वाली शिकायतों के निराकरण में लापरवाही बरतने पर राज्य सरकार ने बड़ी कार्रवाई की है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित राज्य स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान राजस्व विभाग से संबंधित प्रकरणों की समीक्षा की गई। इस दौरान कबीरधाम जिले के पिपरिया तहसीलदार प्रमोद कुमार चन्द्रवंशी को शिकायतों के निराकरण में गंभीर लापरवाही और स्वेच्छाचारिता बरतने के मामले में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

समीक्षा के दौरान सामने आया कि तहसीलदार प्रमोद कुमार चन्द्रवंशी ने सीएम हेल्पलाइन से संबंधित शिकायतों के निराकरण में गंभीर लापरवाही बरती। शासन ने उनके इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम 3 का स्पष्ट उल्लंघन माना है। इसके बाद राज्य शासन ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम, 1966 के नियम 9 (1) (क) के तहत तहसीलदार के निलंबन का आदेश जारी किया। जारी आदेश के अनुसार, निलंबन अवधि के दौरान तहसीलदार प्रमोद कुमार चन्द्रवंशी का मुख्यालय जिला कबीरधाम निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ते की पात्रता होगी।
मुख्यमंत्री कर रहे विभागवार समीक्षा
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय सीएम हेल्पलाइन 1076 के तहत प्राप्त शिकायतों की विभागवार समीक्षा कर रहे हैं। बैठक में शिकायतों के विश्लेषण, उनके निराकरण की स्थिति और संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली की जानकारी ली जा रही है। इस उच्च स्तरीय बैठक में मुख्य सचिव विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत सहित वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। वहीं, सभी विभागीय सचिव और प्रदेश के सभी जिलों के कलेक्टर वर्चुअल माध्यम से बैठक में शामिल हुए। इस कार्रवाई के जरिए शिकायतों के निराकरण में जवाबदेही सुनिश्चित करने और प्रशासनिक लापरवाही पर कार्रवाई करने का संदेश दिया गया है।







