रायपुर/कोरबा, 09 अक्टूबर। छत्तीसगढ़ में सहायक आयुक्त, आदिवासी विकास और मुख्य कार्यपालन अधिकारी (CEO) जनपद पंचायत का प्रभार अन्य विभागों के अधिकारियों को सौंपने पर रोक लगाने के लिए आदिम जाति विकास विभाग ने निर्देश जारी किए हैं। विभाग ने सभी संभागायुक्तों, कलेक्टरों और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों को 11 अप्रैल 2025 के विभागीय परिपत्र का पालन सुनिश्चित करने को कहा है।
अवर सचिव ने 7 अक्टूबर 2026 को पत्र क्रमांक 7464 जारी कर स्पष्ट किया है कि विभागीय अधिकारियों के प्रभार में मनमाने तरीके से बदलाव करने और कार्यभार ग्रहण करने के बाद भी उन्हें काम नहीं सौंपने से प्रशासनिक कार्य प्रभावित हो रहे हैं। विभाग के अनुसार, ऐसी परिस्थितियों के कारण पिछले वर्ष कई न्यायालयीन प्रकरण सामने आए, जिससे विभाग की छवि भी धूमिल हुई।
विभाग ने बताया कि सहायक आयुक्त और जनपद CEO वार्षिक कार्ययोजना तैयार करने, विकास योजनाओं के क्रियान्वयन, निर्माण कार्यों की निगरानी और ग्राम पंचायतों के प्रस्तावों के समन्वय जैसे महत्वपूर्ण कार्य करते हैं। इसलिए इन पदों पर विभागीय व्यवस्था और निर्धारित निर्देशों का पालन जरूरी है।
कोरबा जैसे बड़े जिलों में भी विकास विस्तार अधिकारियों को जनपद CEO का प्रभार दिए जाने के मामले सामने आते रहे हैं। अब विभाग के निर्देशों के पालन पर निगाहें टिकी हैं। यदि निर्धारित व्यवस्था लागू होती है, तो अन्य विभागों के अधिकारियों को सौंपे गए प्रभार में बदलाव हो सकता है। हालांकि, वास्तविक कार्रवाई संबंधित जिलों में निर्देशों के क्रियान्वयन पर निर्भर करेगी।









