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कोरबा पावर लिमिटेड की यूनिट-3 की कमिशनिंग दिसंबर में संभावित, 1,920 मेगावाट होगी संयंत्र की क्षमता

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कोरबा, 09 अक्टूबर। जिले के पताड़ी स्थित कोरबा पावर लिमिटेड (KPL) के विद्युत संयंत्र की विस्तार परियोजना को पूरा करने की दिशा में गतिविधियां तेज हो गई हैं। संयंत्र की दूसरी चरण की विस्तार परियोजना के तहत 660-660 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट-3 और यूनिट-4 को उत्पादन के लिए तैयार किया जा रहा है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, 660 मेगावाट क्षमता वाली यूनिट-3 की कमिशनिंग दिसंबर 2026 में संभावित है। इसके बाद आवश्यक तकनीकी परीक्षण और अन्य प्रक्रियाएं पूरी कर इकाई को वाणिज्यिक उत्पादन में लाने की तैयारी की जाएगी।

पताड़ी स्थित यह विद्युत संयंत्र पहले लैंको अमरकंटक पावर लिमिटेड के नाम से जाना जाता था। अडानी पावर लिमिटेड द्वारा अधिग्रहण किए जाने के बाद इसका नाम बदलकर कोरबा पावर लिमिटेड कर दिया गया। अधिग्रहण के समय संयंत्र की दूसरे चरण की विस्तार परियोजना के तहत यूनिट-3 और यूनिट-4 का निर्माण कार्य अधूरा था। दोनों इकाइयों की उत्पादन क्षमता 660-660 मेगावाट निर्धारित की गई है। प्रबंधन में बदलाव के बाद इन दोनों इकाइयों का निर्माण कार्य पूरा करने की दिशा में प्रयास तेज किए गए हैं।

वर्तमान में प्रबंधन का मुख्य ध्यान यूनिट-3 को उत्पादन के लिए तैयार करने पर केंद्रित है। इसकी कमिशनिंग के बाद यूनिट-4 को चालू करने की दिशा में काम आगे बढ़ाया जाएगा। हालांकि, यूनिट-4 की कमिशनिंग तथा दोनों इकाइयों से वाणिज्यिक उत्पादन शुरू होने की निश्चित तारीख के संबंध में अभी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

कोरबा जिला छत्तीसगढ़ के प्रमुख बिजली उत्पादन केंद्रों में शामिल है। ऐसे में कोरबा पावर लिमिटेड की विस्तार परियोजना पूरी होने से जिले की विद्युत उत्पादन क्षमता में और वृद्धि होगी। वर्तमान में संयंत्र की स्थापित क्षमता 600 मेगावाट बताई गई है। दूसरे चरण की विस्तार परियोजना के तहत 660-660 मेगावाट की दोनों नई इकाइयां चालू होने पर इसकी कुल स्थापित क्षमता बढ़कर 1,920 मेगावाट हो जाएगी।

इसके अलावा, संयंत्र के तीसरे चरण में 800-800 मेगावाट क्षमता वाली दो इकाइयों के माध्यम से 1,600 मेगावाट अतिरिक्त बिजली उत्पादन की योजना प्रस्तावित है। यदि तीसरे चरण की परियोजना भी भविष्य में पूरी होती है, तो संयंत्र की कुल नियोजित क्षमता 3,520 मेगावाट तक पहुंच सकती है। हालांकि, तीसरे चरण के निर्माण कार्य और उसे पूरा करने की समयसीमा के संबंध में आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है।

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