कोरबा। जिले के विकासखंड कोरबा अंतर्गत ग्राम तिलकेजा, तहसील भैसमा की जय मां लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की महिलाएं मछली पालन और बिक्री के जरिए अपनी आजीविका को मजबूत कर रही हैं। मत्स्य पालन विभाग की सहायता से समूह को मछली पकड़ने के लिए जाल और मछलियों को सुरक्षित रखने के लिए आइस बॉक्स उपलब्ध कराया गया है। इससे महिलाओं को मछली पकड़ने से लेकर उसे बाजार तक पहुंचाने में काफी सुविधा मिल रही है।
समूह की महिलाओं ने बताया कि पहले परिवार की आय मुख्य रूप से खेती-किसानी और दैनिक मजदूरी पर निर्भर थी। समूह की महिलाएं तालाब लीज पर लेकर मछली पालन शुरू करना चाहती थीं, लेकिन मछली पकड़ने और बिक्री के लिए जरूरी संसाधनों की कमी उनके सामने बड़ी चुनौती थी। खासकर मछली पकड़ने के बाद उसे ताजा रखने और बाजार तक पहुंचाने में परेशानी होती थी। आइस बॉक्स की सुविधा नहीं होने के कारण मछलियों की गुणवत्ता प्रभावित होने से बिक्री पर भी असर पड़ता था।
महिलाओं ने पंचायत स्तरीय शिविर में अपनी जरूरतों से संबंधित आवेदन मत्स्य पालन विभाग को दिया। इसके बाद विभाग की ओर से समूह को आवश्यक संसाधन उपलब्ध कराए गए। जाल मिलने से मछली पकड़ना आसान हुआ, वहीं आइस बॉक्स की मदद से मछलियों को सुरक्षित और ताजा रखकर बाजार तक पहुंचाना संभव हो सका।
अब समूह की महिलाएं मछली पालन और बिक्री के माध्यम से नियमित आमदनी अर्जित कर रही हैं। इस आय से परिवार की आर्थिक जरूरतों को पूरा करने के साथ बच्चों की शिक्षा में भी सहयोग मिल रहा है। महिलाओं का कहना है कि विभागीय सहायता और समूह के सामूहिक प्रयासों से उनके परिवारों की आर्थिक स्थिति पहले की तुलना में बेहतर हुई है।
जय मां लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की यह पहल ग्रामीण महिलाओं के लिए स्वरोजगार और आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में एक सकारात्मक उदाहरण बन रही है।







