नई दिल्ली/रायपुर। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जल्द ही छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चल रहे महानदी जल विवाद को सुलझाने के लिए एक बैठक की अध्यक्षता करेंगे। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी बैठक में शामिल होने के लिए पहुंचे। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के बीच लंबे समय से चले आ रहे महानदी जल विवाद के समाधान की दिशा में एक और महत्वपूर्ण पहल होने जा रही है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय गुरुवार को नई दिल्ली स्थित कर्तव्य भवन पहुंचे, जहां महानदी जल विवाद को लेकर उच्चस्तरीय बैठक आयोजित की जा रही है।
बैठक की अध्यक्षता केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। इसमें छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, दोनों राज्यों के मुख्य सचिव, मुख्यमंत्रियों के प्रमुख सचिव और जल संसाधन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहेंगे। बैठक का मुख्य उद्देश्य महानदी के जल बंटवारे और उससे जुड़े लंबित मुद्दों पर दोनों राज्यों के बीच सहमति बनाने की दिशा में चर्चा को आगे बढ़ाना है। केंद्र सरकार पहले भी महानदी जल विवाद को आपसी संवाद और तकनीकी स्तर की बातचीत के जरिए सुलझाने के प्रयास कर चुकी है।
जुलाई 2026 में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री की अध्यक्षता में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के मुख्यमंत्रियों की बैठक भी हुई थी, जिसमें आपसी सहमति से समाधान की दिशा में चर्चा की गई थी। महानदी के पानी के बंटवारे को लेकर दोनों राज्यों के बीच लंबे समय से विवाद चला आ रहा है। केंद्र सरकार ने 12 मार्च 2018 को महानदी जल विवाद न्यायाधिकरण का गठन किया था। इसके बाद से तकनीकी और प्रशासनिक स्तर पर कई दौर की चर्चा हो चुकी है। हाल के महीनों में दोनों राज्यों की ओर से आपसी बातचीत के जरिए विवाद के समाधान की दिशा में प्रयास तेज किए गए हैं।







