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कोरबा में बदला पावर प्लांट का मालिकाना हक, JSW Energy ने संभाली कमान

कोरबा, 24 सितम्बर। छत्तीसगढ़ के ऊर्जा क्षेत्र में एक बड़ा कॉरपोरेट बदलाव हुआ है। जेएसडब्ल्यू एनर्जी लिमिटेड (JSW Energy) ने मारुति क्लीन कोल एंड पावर लिमिटेड (MCCPL) के अधिग्रहण के बाद कोरबा स्थित 300 मेगावाट (MW) के ताप विद्युत संयंत्र का प्रबंधन अपने हाथों में ले लिया है।मारुति क्लीन कोल एंड पावर लिमिटेड पहले एसीबी इंडिया लिमिटेड समूह के अधीन थी। अगस्त 2026 में अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सितंबर में स्थानीय स्तर पर प्रबंधन हस्तांतरण की प्रक्रिया भी सामने आई है।

जेएसडब्ल्यू एनर्जी ने 7 अगस्त 2026 को मारुति क्लीन कोल एंड पावर लिमिटेड में 100 प्रतिशत हिस्सेदारी का अधिग्रहण पूरा करने की घोषणा की थी। इसके साथ ही एमसीसीपीएल जेएसडब्ल्यू एनर्जी की पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी बन गई। इस अधिग्रहण का उद्यम मूल्य लगभग 1,410 करोड़ रुपये बताया गया था।मारुति क्लीन कोल एंड पावर लिमिटेड लंबे समय से कोरबा के बिजली क्षेत्र में सक्रिय कंपनी रही है। कंपनी के पास कोरबा में 300 मेगावाट क्षमता का कोयला आधारित ताप विद्युत संयंत्र है। जेएसडब्ल्यू एनर्जी द्वारा कंपनी की पूरी हिस्सेदारी खरीद लिए जाने के बाद अब इस संयंत्र और कंपनी का नियंत्रण जेएसडब्ल्यू एनर्जी समूह के पास आ गया है। इस बदलाव के साथ कोरबा के औद्योगिक परिदृश्य में एक और बड़े ऊर्जा समूह की मौजूदगी मजबूत हुई है। कोयला, बिजली उत्पादन और औद्योगिक गतिविधियों के लिहाज से कोरबा पहले से ही देश के प्रमुख ऊर्जा केंद्रों में शामिल है।

कोरबा स्थित एमसीसीपीएल संयंत्र के लिए कोयले की आपूर्ति व्यवस्था भी महत्वपूर्ण है। जेएसडब्ल्यू एनर्जी के अनुसार संयंत्र को साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (SECL) के साथ दीर्घकालिक ईंधन आपूर्ति समझौते और शक्ति योजना के तहत कोयला लिंक के माध्यम से कोयला मिलता है।एमसीसीपीएल के संयंत्र की 195 मेगावाट शुद्ध क्षमता के लिए राजस्थान की बिजली वितरण कंपनियों के साथ दीर्घकालिक बिजली खरीद समझौता है। इस समझौते की शेष अवधि करीब 14 वर्ष बताई गई है। इसके अतिरिक्त संयंत्र से करीब 5 प्रतिशत बिजली छत्तीसगढ़ की बिजली वितरण कंपनी को परिवर्तनीय लागत के आधार पर दी जाती है, जबकि लगभग 64 मेगावाट बिजली खुले बाजार में बेची जाती है।

एमसीसीपीएल का अधिग्रहण जेएसडब्ल्यू एनर्जी के लिए छत्तीसगढ़ में अपनी उपस्थिति मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। कंपनी के अनुसार कोरबा स्थित एमसीसीपीएल संयंत्र की उसके महानदी क्षेत्र के ताप विद्युत संयंत्र के साथ भौगोलिक निकटता है। इससे संचालन, रखरखाव और बिजली तथा कोयला परिवहन से संबंधित व्यवस्थाओं में तालमेल की संभावनाएं बनती हैं।एमसीसीपीएल के अधिग्रहण के साथ जेएसडब्ल्यू एनर्जी अपने ऊर्जा पोर्टफोलियो का विस्तार कर रही है। कंपनी ने सितंबर 2026 में बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 में अब तक 1,572 मेगावाट नई उत्पादन क्षमता जोड़ी गई है। इसके साथ कंपनी की परिचालन उत्पादन क्षमता बढ़कर करीब 15,025 मेगावाट हो गई है। इसमें लगभग 9,067 मेगावाट अक्षय ऊर्जा और 5,958 मेगावाट ताप विद्युत क्षमता शामिल है। अक्षय ऊर्जा पोर्टफोलियो में पवन, सौर, हाइब्रिड और जल विद्युत परियोजनाएं शामिल हैं। जेएसडब्ल्यू एनर्जी ने वर्ष 2030 तक 30 हजार मेगावाट उत्पादन क्षमता और 40 गीगावाट-घंटा ऊर्जा भंडारण क्षमता हासिल करने का लक्ष्य रखा है।

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