Home / Chhattisgarh / दुर्ग पुलिस की साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टेबाजी के वित्तीय नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, 3,162 म्यूल बैंक खाते चिन्हित; 257 आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग पुलिस की साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टेबाजी के वित्तीय नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई, 3,162 म्यूल बैंक खाते चिन्हित; 257 आरोपी गिरफ्तार

दुर्ग, 18 सितम्बर साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े वित्तीय नेटवर्क के खिलाफ दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की जांच में अब तक 3,162 म्यूल बैंक खातों की पहचान की गई है। इनमें से 1,668 खातों के खिलाफ 63 FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा चुकी है। इन मामलों में अब तक 257 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।

पुलिस के अनुसार, चिन्हित 3,162 म्यूल खातों में से 578 खातों का सत्यापन और इस्तगासा की कार्रवाई पूरी हो चुकी है, जबकि 916 खाते अभी जांच के दायरे में हैं। इन खातों से जुड़े बैंकिंग लेन-देन, KYC दस्तावेज, मोबाइल नंबर, UPI ट्रांजेक्शन और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है।

जांच के दौरान पुलिस यह भी पता लगा रही है कि संबंधित बैंक खातों का वास्तविक संचालन कौन कर रहा था और साइबर ठगी या ऑनलाइन सट्टेबाजी से प्राप्त रकम किन-किन खातों में ट्रांसफर की गई। एक खाते से दूसरे खाते तक रकम पहुंचने की पूरी कड़ी को तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों के आधार पर खंगाला जा रहा है।

म्यूल खातों की पहचान के लिए पुलिस ने साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़ी शिकायतों के साथ बैंकिंग ट्रांजेक्शन, KYC रिकॉर्ड, UPI लेन-देन और तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। जांच के दौरान बैंक खातों से जुड़े अभिलेख, ATM कार्ड, चेकबुक, पासबुक, मोबाइल फोन, SIM कार्ड, KYC दस्तावेज और अन्य इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल साक्ष्य भी जब्त किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक, साइबर ठगी और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े मामलों में 2 करोड़ 75 लाख 50 हजार 91 रुपये की विवादित रकम पर होल्ड लगाया गया है। इस कार्रवाई का उद्देश्य संदिग्ध रकम को आगे ट्रांसफर होने या बैंक खातों से निकाले जाने से रोकना है।

पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि साइबर अपराधी और ऑनलाइन सट्टेबाजी से जुड़े लोग लोगों को कमीशन या आसान कमाई का लालच देकर उनके बैंक खाते हासिल करते हैं। इन खातों का इस्तेमाल ठगी या अन्य अवैध गतिविधियों से प्राप्त रकम को जमा करने और फिर अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करने के लिए किया जाता है। कुछ मामलों में खाताधारक खुद अपना बैंक खाता दूसरे लोगों को उपलब्ध कराते हैं, जबकि कुछ मामलों में बैंकिंग लेन-देन का संचालन अन्य लोग करते हैं।

दुर्ग पुलिस के अनुसार, लंबित 916 म्यूल खातों की तकनीकी और वित्तीय जांच जारी है। इनके लेन-देन, KYC रिकॉर्ड, UPI गतिविधियों, मोबाइल नंबर और अन्य डिजिटल गतिविधियों का विश्लेषण किया जा रहा है। जांच में संबंधित लोगों की भूमिका सामने आने के बाद नियमानुसार आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *